नौगढ़ में बनेगी 'ग्रीन टाउनशिप', 2400 पौधों से महकेगा मझगावां क्लस्टर आवास

 

चंदौली के नौगढ़ में सरकारी आवास अब सिर्फ रहने का ठिकाना नहीं, बल्कि ऑक्सीजन हब बनेंगे। मझगावां क्लस्टर आवास में 2400 फलदार और छायादार पौधे लगाकर अनोखी 'ग्रीन टाउनशिप' बसाई जा रही है, जिसका शुभारंभ 12 जुलाई को CDO करेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें!

 
 

नौगढ़ में बनेगी ग्रीन टाउनशिप

2400 पौधों से बदलेगी तस्वीर

12 जुलाई को होगा शुभारंभ

स्थानीय मनरेगा श्रमिकों को मिला रोजगार

पौधों का संरक्षण है बड़ी चुनौती

 चंदौली जिले से एक बहुत ही बेहतरीन और पर्यावरण के अनुकूल खबर सामने आ रही है। जिले की नौगढ़ तहसील के मझगावां ग्राम पंचायत में बनने जा रहे सरकारी क्लस्टर आवासों का रूप-रंग अब पूरी तरह बदलने वाला है। अब ये आवास केवल सीमेंट और ईंटों के ढांचे नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें एक खूबसूरत 'ग्रीन टाउनशिप' के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस पूरी योजना का मकसद यहां रहने वाले परिवारों को एक स्वस्थ और खुशहाल वातावरण देना है।

2400 पौधों से सजेगी मझगावां की धरती
इस खास परियोजना के तहत मझगावां क्लस्टर आवास परिसर में 2400 छायादार और फलदार पौधे लगाने की एक बड़ी योजना तैयार की गई है। इसके लिए 'बीबी राम जी योजना' के तहत गड्ढे खोदने का काम बहुत तेजी से चल रहा है। इन पौधों के बड़े होने पर यहां रहने वाले लोगों को न केवल शुद्ध और ताजी हवा मिलेगी, बल्कि चिलचिलाती धूप में ठंडी छांव और खाने के लिए मीठे फल भी मिलेंगे।

12 जुलाई को CDO करेंगे इस महाअभियान की शुरुआत
इस बड़े और अनोखे हरित अभियान की शुरुआत आगामी 12 जुलाई को होने जा रही है। जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर. जगत साईं खुद मझगावां गांव पहुंचकर इस पौधरोपण कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। जिला प्रशासन इस पूरे प्रोजेक्ट की सीधी निगरानी कर रहा है ताकि समय पर सारे पौधे लगाए जा सकें और कोई भी कमी न रह जाए।

अफसरों और वन विभाग ने संभाला मोर्चा
इस अभियान को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर हकीकत में बदलने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मैदान में उतर चुका है। हाल ही में खंड विकास अधिकारी (BDO) राकेश सिंह, एडीओ समाज कल्याण सिद्धार्थ सिंह, वन विभाग के एसडीओ वरुण प्रताप सिंह, पंचायत सचिव और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुजीत सिंह उर्फ सुड्डू ने निर्माण साइट का बारीकी से निरीक्षण किया। वन विभाग की टीम की मौजूदगी यह साफ दर्शाती है कि यह काम वैज्ञानिक और सही तरीके से किया जा रहा है।

मनरेगा से स्थानीय लोगों को मिला रोजगार
इस अभियान की सबसे अच्छी बात यह है कि पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के पेट भरने का भी इंतजाम किया गया है। गड्ढों की खुदाई का सारा काम मनरेगा योजना के तहत कराया जा रहा है। इससे गांव के गरीब मजदूरों को उनके घर के पास ही रोजगार मिल गया है। इस तरह यह योजना विकास, पर्यावरण और रोजगार तीनों को एक साथ जोड़कर नौगढ़ के लिए एक मिसाल पेश कर रही है।

प्रधान प्रतिनिधि बोले- चमकेगी गांव की किस्मत
इस कार्यक्रम को लेकर गांव वालों में भी भारी उत्साह है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ईश्वर कोल ने बताया कि यह कोई आम सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारे गांव की आने वाली पीढ़ी की किस्मत बदलने का संकल्प है। उन्होंने वादा किया कि ग्राम पंचायत इन पौधों को सिर्फ लगाएगी नहीं, बल्कि इनकी सुरक्षा, पानी देने और पूरी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठाने को तैयार है ताकि हर पौधा एक दिन बड़ा पेड़ बन सके।

सबसे बड़ी चुनौती: पौधों को पेड़ बनाना
हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में हर साल लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या उनके जिंदा रहने की होती है। कई बार पौधे लगाने के बाद उन्हें भूल जाया जाता है। मझगावां के इस अभियान के सामने भी यही सबसे बड़ी चुनौती है कि क्या ये 2400 पौधे सचमुच 2400 घने पेड़ बन पाएंगे? इसके लिए प्रशासन, वन विभाग और गांव वालों को मिलकर लगातार मेहनत करनी होगी।

'चंदौली समाचार' की नजर
12 जुलाई को पौधे लगाने के साथ ही इस अभियान की असली परीक्षा शुरू होगी। असल चुनौती अगले एक साल तक इन पौधों को बचाकर रखने की है। राहत की बात यह है कि इस बार विकास विभाग, वन विभाग और स्थानीय पंचायत तीनों मिलकर तालमेल से काम कर रहे हैं। अगर यही आपसी तालमेल आगे भी बना रहा, तो मझगावां का यह क्लस्टर आवास पूरे चंदौली जिले के लिए 'ग्रीन मॉडल' बनकर चमकेगा।