नौगढ़ में वनरक्षक को धमकाना पड़ गया महंगा, रेंजर मकसूद हुसैन ने भेजा जेल 

पकड़े गए आरोपी को रेंज ऑफिस लाने के बाद जांच-पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि आरोपी नीलकमल के खिलाफ जयमोहनी रेंज में पहले भी आरसी है।
 

रेंजर मकसूद हुसैन ने दिखाई सख़्ती

सेवानिवृत्ति से पाँच दिन पहले बड़ी कार्रवाई

रेंजर ने मनबढ़ आरोपी नीलकमल को दबोचकर भेजा जेल

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में सेवानिवृत्ति में महज़ पाँच दिन शेष रहने के बावजूद वन वन क्षेत्राधिकारी मकसूद हुसैन ने अपने कर्तव्य से समझौता नहीं किया। हरियाबांध आरक्षित वन क्षेत्र में हरे-भरे पौधों पर कुल्हाड़ी चला रहे और टीम को धमकाने वाले मनबढ़ आरोपी नीलकमल को उन्होंने मौके पर ही दबोचकर जेल भेज दिया। जाते-जाते भी रेंजर ने अपने सख्त तेवर दिखाकर यह संदेश दे दिया कि वन्य सम्पदा की रक्षा में न तो उम्र मायने रखती है और न ही रिटायरमेंट की तारीख। 

काशी वन्यजीव प्रभाग, रामनगर (चंदौली) के जयमोहनी रेंज अंतर्गत हरियाबांध आरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग ने यह बड़ी कार्रवाई की। वन क्षेत्राधिकारी मकसूद हुसैन के नेतृत्व में वनरक्षक प्रमोद यादव, भोलानाथ और चंद्रशेखर  गश्त पर निकले थे। हरियाबांध के वन ब्लॉक (कंपार्टमेंट नंबर 10) में उन्होंने देखा कि कुछ लोग कुल्हाड़ी लेकर हरे-भरे पौधों की अवैध कटाई कर कृषि योग्य भूमि बना रहे हैं। वन विभाग की टीम को देखते ही वे लोग जंगल में इधर-उधर भागने लगे। टीम ने पीछा करते हुए चमेरबांध गांव निवासी नीलकमल पुत्र बचऊ को कुल्हाड़ी समेत दबोच लिया, इस पर वह धमकाने भी लगा।

पुराना आरोपी – पहले भी दर्ज हो चुकी है RC

पकड़े गए आरोपी को रेंज ऑफिस लाने के बाद जांच-पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि आरोपी नीलकमल के खिलाफ जयमोहनी रेंज में पहले भी आरसी है। स्टाफ के अनुसार पकड़े जाने के बाद भी वह वन विभाग की टीम के साथ अभद्रता करता रहा। बीट प्रभारी प्रमोद यादव ने बताया कि आरोपी मनबढ़ और आपराधिक प्रवृत्ति का है और वन्य सम्पदा को लगातार नुकसान पहुँचा रहा था।

वन अधिनियम की धाराओं में मुक़दमा – रेंजर का कड़ा संदेश 

वन विभाग ने आरोपी नीलकमल के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुक़दमा पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया गया।
रेंजर मकसूद हुसैन ने कहा – “आरक्षित वन क्षेत्र में पौधों की अवैध कटाई और ज़मीन कब्ज़ाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन्य सम्पदा की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ ऐसी सख़्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। हरे-भरे पौधों पर कुल्हाड़ी चलाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।