चकिया की राजनीति में हलचल: काशी क्षेत्र अध्यक्ष से मिलकर बोलीं प्रधान नीलम ओहरी- महिला आरक्षण हुआ तो चकिया से लड़ूंगी चुनाव

 

चन्दौली की चकिया विधानसभा सीट पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नौगढ़ की सक्रिय ग्राम प्रधान नीलम ओहरी ने काशी क्षेत्र अध्यक्ष से मुलाकात कर टिकट की दावेदारी ठोक दी है, जिससे स्थानीय समीकरण बदलने के आसार हैं।

 
 

नौगढ़ की सियासत में महिला कार्ड

प्रधान नीलम ओहरी ने ठोका दावा

काशी क्षेत्र अध्यक्ष से खास मुलाकात

महिला आरक्षण बना बड़ा चुनावी मुद्दा

चकिया विधानसभा में बदलेगा सियासी समीकरण

क्या चकिया विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी इस बार किसी महिला चेहरे पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है? आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के बीच चन्दौली जिले के नौगढ़ तहसील की बाघी ग्राम पंचायत की प्रधान नीलम ओहरी की बढ़ती सक्रियता ने इस सवाल को हवा दे दी है। सोमवार को भाजपा के काशी क्षेत्र अध्यक्ष से नीलम ओहरी की मुलाकात और महिला आरक्षण को लेकर दिए गए उनके बयान ने स्थानीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है।

काशी क्षेत्र अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बड़ा बयान
लंबे समय से भाजपा के संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहीं नीलम ओहरी ने काशी क्षेत्र अध्यक्ष से शिष्टाचार मुलाकात की और संगठन का आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात के बाद उन्होंने खुलकर अपनी दावेदारी पर बात की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। अगर आगामी चुनाव में महिला आरक्षण लागू होता है या महिला नेतृत्व को मौका मिलता है, तो चकिया विधानसभा सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत है।

संगठन में लगातार सक्रिय रही हैं नीलम
ग्राम प्रधान नीलम ओहरी केवल पंचायत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे काफी समय से भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों में आगे रही हैं। पार्टी की बड़ी बैठकें हों, प्रशिक्षण शिविर हों, सेवा अभियान या फिर सदस्यता अभियान, हर जगह उनकी नियमित और सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है। क्षेत्रीय और जिले के बड़े नेताओं के साथ उनकी मौजूदगी को संगठन में उनकी बढ़ती पकड़ और स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।

बदल सकता है नौगढ़ का चुनावी समीकरण
राजनीति के जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा इस बार चकिया सीट पर किसी महिला चेहरे को आगे करती है, तो नौगढ़ और आसपास का पूरा चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकता है। नीलम ओहरी जमीनी स्तर पर एक सक्रिय जनप्रतिनिधि हैं और ग्रामीण महिलाओं के बीच उनकी एक मजबूत और अलग पहचान है। ऐसे में उनकी इस सियासी सक्रियता को आने वाले विधानसभा चुनाव की बड़ी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

अंतिम फैसला तो संगठन के ही हाथ में
हालांकि, चुनाव में टिकट का आखिरी फैसला भाजपा का केंद्रीय और उत्तर प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा। इसके बावजूद, नीलम ओहरी का लगातार बड़े नेताओं से मिलना और महिला दावेदारी पर खुलकर बात करना उन्हें स्थानीय राजनीति के केंद्र में ले आया है। अब पूरे चन्दौली जिले की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में चकिया सीट से किस चेहरे पर भरोसा जताएगी।

व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बदलाव का है संकेत
महिला आरक्षण की चर्चाओं के बीच नौगढ़ जैसे इलाके से एक महिला प्रधान का खुलकर विधानसभा टिकट मांगना सिर्फ उनकी व्यक्तिगत इच्छा नहीं है। राजनीतिक पंडित इसे बदलते दौर और महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक ताकत का बड़ा संकेत मान रहे हैं। आने वाले दिनों में नीलम ओहरी की यह दावेदारी चन्दौली और चकिया की स्थानीय राजनीति का सबसे बड़ा और गर्मागर्म मुद्दा बनने जा रही है।