हम विकास भवन चंदौली से बोल रहे हैं, मांगा ओटीपी कट गए, खाते से उड़ गए 45 हजार

फिर पीड़ित ने साइबर क्राइम की जानकारी होने बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
 


नौगढ़ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय में ठगी

  बरवाडीह के हेड मास्टर के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी

चुनावी ड्यूटी व ऑनलाइन फॉर्म के चक्कर में गंवा दिए पैसे

चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके में साइबर ठगी का एक और मामला आया है। एक व्यक्ति ने खुद को विकास भवन चंदौली का  अधिकारी बताकर निर्वाचन से संबंधित जानकारी पूछने के बाद  ओटीपी पूछकर प्राथमिक विद्यालय बरवाडीह के हेड मास्टर के अकाउंट से पैंतालीस हजार  रुपये निकाल लिए। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी।

बताया जा रहा है कि प्राथमिक विद्यालय बरवाडीह पर नियुक्त प्रधानाध्यापक अमिकेश ने साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका एसबीआई में खाता है। 25 अप्रैल 2024 को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को विकास भवन चंदौली का अधिकारी बताया। आरोपी ने उसे कहा कि आप बरवाडीह में तैनात  हैं। आपने निर्वाचन संबंधित फार्म डाउनलोड नहीं किया है। इसके बाद उनको एक साइट बताया गया, भारत निर्वाचन की साइट पर जाकर ओटीपी पूछा, वह आरोपी के बातों में आ गया। आरोपी ने उसे बातों में लगाकर उसे ओटीपी नंबर पूछ लिया। जिसके बाद उसके अकाउंट से 45000 रुपए कट गए। इसके बाद उसने इस बारे में बैंक अधिकारियों से बात की। तो बैंक ने पल्ला झाड़ लिया।

फिर पीड़ित ने साइबर क्राइम की जानकारी होने बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। साइबर दफ्तर से बताया जा रहा है कि अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

 अवकाश वाले दिन होती हैं ज्यादा घटनाएं
पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा  का कहना है कि साइबर अपराधी अचानक कोई घटना को अंजाम नहीं देते। वे पूरी प्लानिंग के साथ काम करते हैं। उनके मोबाइल नंबर से लेकर खाता नंबर तक फर्जी होते हैं। बाद में उस खाते से रकम निकाल लेते हैं। वे नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। इसके लिए लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है। वह अपना ओटीपी नंबर, खाता नंबर और अकाउंट, एटीएम कार्ड नंबर आदि बिल्कुल न बताएं। यह नंबर गोपनीय होते हैं। ऐसी घटनाएं खासकर अवकाश वाले दिन  ज्यादा होती हैं। ठगी होने पर 1930 नंबर पर कॉल जरूर करें, जिससे आपका रुपया बच सके।