'5 साल बाद तुम्हारे घर आम खाने आऊंगा...' चन्दौली के नौगढ़ में बच्चों से अनोखा वादा कर गए पावर ग्रिड के डायरेक्टर

 

चन्दौली के नौगढ़ में वन महोत्सव के तहत 'आम भंडारा' आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आए पावर ग्रिड के स्वतंत्र निदेशक शिव तपस्या पासवान ने बच्चों को पौधे बांटते हुए वादा किया कि वे 5 साल बाद उनके घर आम खाने आएंगे।

 
 

रिठिया स्कूल में आम भंडारा

पावर ग्रिड डायरेक्टर का अनोखा वादा

बच्चों को मिले देशी आम पौधे

नंबर नहीं पौधों की निगरानी जरूरी

हाथ उठाकर बच्चों ने ली शपथ

चंदौली जिले में डीएफओ बी शिव शंकर के निर्देश पर चलाए जा रहे वन महोत्सव अभियान के आखिरी दिन सोमवार को जयमोहनी रेंज के जरिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिठिया में एक अनोखा "आम भंडारा" लगाया गया। इस दौरान 50 से ज्यादा बच्चों को देशी आम के पौधे बांटे गए। लेकिन इस पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी बात सिर्फ पौधे बांटना नहीं, बल्कि बच्चों से किया गया एक भावुक वादा था जिसने सबका दिल जीत लिया।

पेड़ बचाओ, मैं पक्का आऊंगा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और भारत सरकार के पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक शिव तपस्या पासवान ने जब बच्चों के हाथों में पौधे सौंपे, तो उन्होंने एक बेहद प्यारी बात कही। उन्होंने कहा, "बेटा, ये पौधा सिर्फ लगाना नहीं है, इसकी पूरी देखभाल भी करनी है। मैं ठीक 5 साल बाद फिर इस गांव में आऊंगा, जब तुम्हारे लगाए इन पेड़ों पर रसीले आम लदे होंगे। तब मैं तुम्हारे घर आम खाने आऊंगा, यह मेरा पक्का वादा है।" निदेशक की यह बात सुनते ही कक्षा 6 की एक छात्रा ने तुरंत खड़े होकर मुस्कुराते हुए कहा, "साहब, हम पेड़ बचा लेंगे।" यह सुनते ही पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

फोटो खिंचवाना नहीं, पेड़ बचाना है सार्थकता
निदेशक ने स्कूली बच्चों को पर्यावरण का असली और जमीनी पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव की असली कामयाबी सिर्फ पौधे लगाकर फोटो खिंचवाने में बिल्कुल नहीं है। इसकी सार्थकता तब है जब आज लगाया हुआ हर एक छोटा पौधा अगले 10 साल बाद लोगों को घनी छाया दे सके। जब तक हमारा लगाया हुआ हर एक पौधा एक मजबूत वृक्ष नहीं बन जाता, तब तक हमारा पर्यावरण को बचाने का काम पूरा नहीं माना जाएगा।

संख्या से ज्यादा अब पौधों की निगरानी पर जोर
वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव के देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़ संजय कुमार श्रीवास्तव ने सरकारी कार्यशैली में आए बड़े बदलाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पहले विभाग का लक्ष्य सिर्फ संख्या पर होता था कि 10 हजार पौधे लगा दो। लेकिन अब मुख्यमंत्री जी का साफ आदेश है कि भले ही 1 हजार पौधे लगाओ, पर उन 1000 पौधों को पूरी तरह बचाओ। इसी सोच के तहत इस बार आम जनता और जनप्रतिनिधियों को भी इस मुहिम से सीधे जोड़ा गया है।

प्रधान और समाजसेवियों ने भी उठाई कुदाल
इस मुहिम में सिर्फ बच्चों ने ही नहीं, बल्कि इलाके के बड़े चेहरों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। निदेशक शिव तपस्या पासवान के साथ ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह, समाजसेवी जयप्रकाश सिंह उर्फ 'शेरू यादव' और लौवारी कला के ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव ने खुद अपने हाथों में कुदाल उठाई और स्कूल परिसर में पौधे रोपे।

बच्चों ने हाथ उठाकर लिया संकल्प
कार्यक्रम के आखिर में स्कूल के प्रधानाध्यापक लालबहादुर ने सभी छात्र-छात्राओं से पूछा, "क्या तुम सब अपने इस पौधे की रक्षा करोगे?" इस पर सभी 50 बच्चों ने एक सुर में "हां सर" कहा। इसके बाद सबने अपने दोनों हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे अपने पौधे को रोज पानी देंगे, उसे छुट्टा जानवरों से बचाएंगे और एक बड़ा पेड़ बनाएंगे। इस मौके पर वन दरोगा वीरेंद्र पाण्डेय, निर्भय सिंह, सोमेश प्रथम, सोमेश द्वितीय, वन रक्षक मुलायम, प्रेम सिंह, चंद्रशेखर, मनीष गुप्ता, प्रमोद यादव और भोला नाथ सहित जयमोहनी रेंज का पूरा स्टाफ और शिक्षक मौजूद रहे।