राजदरी–देवदरी में नया रिकॉर्ड: नए साल पर उमड़ा पर्यटकों का सैलाब, वन विभाग ने कमाया बंपर राजस्व

 

नौगढ़ के प्रसिद्ध राजदरी-देवदरी जलप्रपात पर नए साल के पहले दिन रिकॉर्ड 1040 पर्यटक पहुंचे। वन विभाग की बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और रेंजर अखिलेश दूबे की रणनीति से राजस्व और सैलानियों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया।

 
 

पर्यटकों की संख्या का टूटा रिकॉर्ड

एक दिन में ₹74,500 का राजस्व

राजदरी-देवदरी में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा

3 साल की गिरावट के बाद उछाल

रेंजर अखिलेश दूबे की सफल रणनीति

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में राजदरी–देवदरी जलप्रपात पर इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आई। वन विभाग की कड़ी रणनीति, सख्त निगरानी और पर्यटक-सुविधाओं को लेकर किए गए ठोस इंतजामों का असर ऐसा दिखा कि पिछले वर्ष का पर्यटन रिकॉर्ड टूट गया। लगातार तीन वर्षों से गिरावट झेल रहे इस प्रमुख पर्यटन स्थल पर नववर्ष के अवसर पर सैलानियों की बढ़ती मौजूदगी ने साफ कर दिया कि मजबूत व्यवस्था से ही पर्यटन को नई जान मिलती है।

आपको बता दें कि नौगढ़ नए साल के पहले दिन जलप्रपात पर कुल 1040 पर्यटक पहुंचे। इस दौरान 176 कारें, 151 बाइक और अन्य वाहन परिसर में पहुंचे। प्रवेश शुल्क के रूप में वन विभाग को 74,500 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो बीते वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बेहतर रहा।

डीएफओ की कमान में फुल फोर्स
वन विभाग के डीएफओ बी. शिव शंकर के निर्देशन में राजदरी–देवदरी जलप्रपात क्षेत्र में अभूतपूर्व सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था की गई थी। नौगढ़, मझगांई, जयमोहनी सहित अन्य रेंजों से डिप्टी रेंजर, वन दरोगा, वनरक्षक और महिला स्टाफ की तैनाती की गई। इतना ही नहीं, जलप्रपात परिसर के चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पीएसी, पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहे, जिससे पूरे दिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
संभावित भीड़ को देखते हुए प्रवेश मार्ग पर दो अतिरिक्त टिकट काउंटर लगाए गए थे। इससे टिकट बुकिंग को लेकर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई और पर्यटकों को सुचारू रूप से प्रवेश मिला। बड़ी संख्या के बावजूद पूरे दिन व्यवस्था संतुलित बनी रही।


तीन साल की गिरावट पर ब्रेक, लौटती दिखी पर्यटन की रौनक
बीते तीन वर्षों से राजदरी–देवदरी जलप्रपात पर पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी, जिससे वन विभाग के राजस्व पर भी सीधा असर पड़ा था। लेकिन इस बार सामने आए आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि गिरावट का दौर थमता नजर आ रहा है और पर्यटन गतिविधियों में फिर से तेजी लौट रही है।


व्यवस्था बनी तो पर्यटक खुद आए : रेंजर 
 रेंजर अखिलेश दुबे ने चंदौली समाचार को बताया कि इस बार पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। उन्होंने कहा, यदि पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिलता है तो वे न सिर्फ आते हैं, बल्कि दोबारा आने के लिए भी प्रेरित होते हैं। हमारी टीम ने पूरे दिन मुस्तैदी से काम किया, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी गई। रेंजर ने यह भी भरोसा जताया कि इको-टूरिज्म के तहत सुविधाओं के विस्तार के साथ आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी तथा राजदरी–देवदरी जलप्रपात एक बार फिर क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण बनेगा।