राजदरी वाटर फॉल पर नहीं चली दरोगा बाप की फ्री एंट्री वाली हनक, रेंजर ने 2 घंटे बैठाकर सिखाया कानून का पाठ
चंदौली के राजदरी वाटरफॉल गेट पर दरोगा के बेटे का रौब काम न आया। बिना टिकट फ्री एंट्री की जिद कर रहे युवकों को रेंजर अखिलेश दुबे ने 2 घंटे बैठाकर कायदे-कानून का पाठ पढ़ा दिया। जानिए पूरा मामला।
राजदरी गेट पर फ्री एंट्री को लेकर हंगामा
"पिताजी दरोगा हैं" कहकर युवकों ने झाड़ा रौब
रेंजर ने 2 घंटे बैठाकर सिखाया कानून का पाठ
नियम सबके लिए बराबर, हर हाल में लगेगा टिकट
पर्यटकों ने वन विभाग की कार्रवाई को सराहा
चंदौली जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देवदरी-राजदरी जलप्रपात के प्रवेश द्वार पर रविवार को उस समय अचानक हंगामा खड़ा हो गया, जब कुछ युवकों ने सरकार द्वारा तय की गई एंट्री फीस देने से साफ इनकार कर दिया। एंट्री टिकट मांगने पर युवकों ने मौके पर तैनात वनकर्मियों से बहस शुरू कर दी।
"पिताजी दरोगा हैं" कहकर झाड़ने लगे रौब
आरोप है कि विवाद के दौरान एक युवक ने खुद को स्टाफ का करीबी बताते हुए कहा, "मैं स्टाफ हूं, मेरे पिताजी दरोगा हैं।" इसके बाद युवकों ने अपनी धौंस जमाते हुए बिना टिकट अंदर जाने की जिद पकड़ ली। गेट पर इस तरह के बर्ताव से वहां मौजूद अन्य पर्यटकों के बीच भी कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रेंजर ने 2 घंटे बैठाकर पढ़ाया कानून का पाठ
मामला बढ़ता देख वहां मौजूद रेंजर अखिलेश दुबे ने स्थिति को बहुत ही सूझबूझ से संभाला। उन्होंने उपद्रव करने वाले युवकों को हिरासत की तरह रोक लिया और करीब 2 घंटे तक बैठाकर अनुशासन और कानून का पाठ पढ़ाया। रेंजर की इस सख्त और समझदारी भरी कार्रवाई से उपद्रवी युवक शांत हो गए।
नियम सबके लिए बराबर, टिकट तो लेना ही पड़ेगा
रेंजर अखिलेश दुबे ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थल पर सिर्फ सरकार द्वारा निर्धारित कानून ही चलेगा। नियम सबके लिए एक समान हैं, चाहे किसी के पिता कोई भी हों, टिकट तो हर हाल में लेना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा, "ये नवयुवक हैं, हमारा मकसद इन्हें सजा देना नहीं बल्कि समझाना है। अगर भविष्य में दोबारा ऐसी गलती की, तो सीधा मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।"
पर्यटकों ने की तारीफ
वन विभाग की इस सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई से राजदरी जलप्रपात पर अनुशासन का एक अच्छा संदेश गया है। वहां मौजूद पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने रेंजर अखिलेश दुबे की जमकर तारीफ की। वहीं, सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। सीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस घटना के संबंध में फिलहाल वन विभाग या किसी पर्यटक की ओर से लिखित तहरीर नहीं मिली है।