जयमोहनी रेंज में प्रतिबंधित खैर की लकड़ी काट रहे दो तस्कर दबोचे गए, साइकिल और कुल्हाड़ी बरामद..पैरवी के लिए आए कई फोन
नौगढ़ के जयमोहनी रेंज में अवैध खैर कटान के खिलाफ रेंजर अमित श्रीवास्तव ने बड़ी कार्रवाई की है। सोनभद्र के दो तस्करों को प्रतिबंधित लकड़ी के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। कई रसूखदारों की पैरवी भी रेंजर के अडिग इरादों को हिला नहीं सकी।
जयमोहनी रेंज में अवैध खैर कटान का भंडाफोड़
रेंजर अमित श्रीवास्तव ने तस्करों को भेजा जेल
5 बोटे लकड़ी, 2 साइकिल और कुल्हाड़ी बरामद
सोनभद्र जिले के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार तस्कर
पैरवी के बावजूद वन विभाग की सख्त कार्रवाई
चंदौली जनपद के नौगढ़ तहसील अंतर्गत आरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण और लकड़ी कटान के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में रेंजर अमित श्रीवास्तव ने बड़ी सफलता हासिल की है। जयमोहनी रेंज के पूर्वी जयमोहनी बीट में प्रतिबंधित हरा खैर प्रजाति के वृक्षों की कटान कर रहे दो तस्करों को रेंजर ने टीम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दिलचस्प बात यह रही कि गिरफ्तारी के बाद तस्करों को छुड़ाने के लिए कई रसूखदारों के फोन आए, लेकिन रेंजर ने स्पष्ट संदेश देते हुए उन्हें जेल भेज दिया।
आरक्षित वन क्षेत्र में दी गई दबिश
वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर जयमोहनी रेंज के ब्लॉक कक्ष संख्या अमदंहा-7 में छापेमारी की। वहां प्रतिबंधित खैर के वृक्षों को काट रहे रामसजीवन (पुत्र लालमनी) और विकास (पुत्र मुन्ना) को मौके से दबोच लिया गया। दोनों अभियुक्त मूल रूप से सोनभद्र जिले के रावर्टसगंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
बरामदगी से संगठित गिरोह का खुलासा
वन विभाग की टीम ने मौके से खैर प्रजाति के 05 लकड़ी के बोटे, तस्करी में इस्तेमाल की जाने वाली 02 साइकिल और 01 कुल्हाड़ी बरामद की है। मौके पर मौजूद साक्ष्यों से यह प्रतीत होता है कि तस्करों का यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और लकड़ी की चोरी को अंजाम दे रहा था।
रेंजर की चेतावनी: फरार साथी जल्द होंगे गिरफ्त में
रेंजर अमित श्रीवास्तव ने चंदौली समाचार से बातचीत में बताया कि, "अभियुक्त बहुमूल्य खैर की लकड़ियों को काटकर तस्करी की फिराक में थे। यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा लग रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की पहचान की जा रही है और उनके पीछे मुखबिर लगा दिए गए हैं। पकड़े गए दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर मेडिकल परीक्षण के बाद जेल भेज दिया गया है। वन विभाग के इस कड़े रुख से क्षेत्र के वन माफियाओं में हड़कंप व्याप्त है।