नौगढ़ के जंगलों में चला वन विभाग का बुलडोजर; जंगल की जमीन से उखाड़े गए अवैध पिलर
चंदौली के नौगढ़ में वन भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश को वन विभाग ने नाकाम कर दिया है। रेंजर अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन पक्के पिलरों को ध्वस्त कर दिया और केस दर्ज किया।
जयमोहनी रेंज में अवैध निर्माण ध्वस्त
रेंजर अमित श्रीवास्तव का सख्त एक्शन
मझगांवा के राजेश पर वन अपराध दर्ज
आरक्षित वन भूमि पर बन रहे थे पिलर
अतिक्रमणकारियों को रेंजर की खुली चेतावनी
चंदौली जिले के नौगढ़ इलाके में जंगलों के अंदर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिशों के खिलाफ वन विभाग ने अब बेहद सख्त तेवर अपना लिए हैं। काशी वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत आने वाली जयमोहनी रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में कुछ लोग चुपके से पक्का निर्माण कराने की फिराक में थे। जैसे ही इस अवैध निर्माण की भनक वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अमित श्रीवास्तव को लगी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए पूरी टीम के साथ मौके पर धावा बोल दिया और अवैध मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मौके पर ही तोड़े गए पक्के पिलर
यह पूरा मामला जयमोहनी रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र तेन्दुआ-भैंसोड़ा-14 का है। यहाँ मझगांवा गांव का रहने वाला राजेश नाम का व्यक्ति बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के वन विभाग की कीमती जमीन पर पक्का निर्माण करवा रहा था। रेंजर अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर जब वन कर्मियों की टीम ने अचानक मौके पर पहुंचकर जमीन की पैमाइश और जांच की, तो वहां नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। टीम ने वन संरक्षण अधिनियम 1980 का खुला उल्लंघन पाते हुए वहां खड़े किए जा रहे पक्के पिलरों को मौके पर ही तोड़कर जमींदोज कर दिया।
कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: रेंजर
इस बड़ी कार्रवाई के बाद वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने अतिक्रमणकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि "आरक्षित वन भूमि देश की धरोहर और सरकारी संपत्ति है। इस पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा, खेती या पक्का निर्माण पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने साफ कहा कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सरिया और अन्य सामग्री को भी बहुत जल्द जेसीबी की मदद से उखाड़कर जब्त कर लिया जाएगा और आरोपी राजेश के खिलाफ वन अधिनियम की कड़ी धाराओं में कोर्ट केस चलाया जाएगा।
ग्रामीणों से की गई खास अपील
वन विभाग की इस फुर्तीली और सख्त कार्रवाई से जंगल की जमीनों पर नजर गड़ाए बैठे भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही गश्त और निगरानी से विभाग ने यह साफ कर दिया है कि जंगलों की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं होगी। इसके साथ ही रेंजर ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे पर्यावरण को बचाने में प्रशासन का साथ दें और अगर कहीं भी वन भूमि पर पेड़ कटाई या अवैध कब्जा दिखे, तो इसकी गुप्त सूचना तुरंत वन विभाग को दें ताकि समय रहते एक्शन लिया जा सके।