चंदौली में शर्मनाक! नदी में जहर डालकर मछली मारने का खेल, बेकसूर बकरियों की तड़प-तड़प कर मौत
कर्मनाशा नदी में घोला गया जहर
जहरीला पानी पीने से बकरियों की मौत
जहर का डिब्बा लेकर थाने पहुंचा पीड़ित
मछली पकड़ने के लिए किया गया कृत्य
चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र में पर्यावरण और मूक पशुओं की सुरक्षा को ताक पर रखने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ हथिनी गांव के रहने वाले पशुपालक विक्रम यादव की बकरियों के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया। रोज़ की तरह गुरुवार को भी विक्रम अपनी करीब 25 बकरियों को लेकर जंगल में चराने गए थे। इसी बीच दोपहर के समय उनकी 7 बकरियां प्यास बुझाने के लिए पास की कर्मनाशा नदी के किनारे पानी पीने चली गईं। लेकिन पानी पीते ही बकरियां अचानक तड़पने लगीं और देखते ही देखते 5 बकरियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 2 बकरियां अब भी जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।
सबूत के तौर पर जहर का डिब्बा लेकर थाने पहुंचा पशुपालक
बकरियों को तड़पता देख मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। पशुपालक विक्रम यादव का आरोप है कि उन्होंने गहिला गांव के एक व्यक्ति को नदी के पानी में कोई जहरीला पदार्थ मिलाते हुए रंगे हाथों देखा था। जब वह मौके पर पहुंचे, तो आरोपी वहाँ से भाग चुका था, लेकिन विक्रम ने घटनास्थल से उस जहर के डिब्बे को बरामद कर लिया। बेकसूर बकरियों की मौत से दुखी पशुपालक इंसाफ की गुहार लगाने और आरोपी को बेनकाब करने के लिए सीधे जहर का डिब्बा हाथ में लेकर चकरघट्टा थाने पहुंच गया।
मछली के शिकार के चक्कर में बेकसूर पशुओं की मौत
पशुपालक विक्रम यादव ने चकरघट्टा थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग नदी में अवैध रूप से जहर डालकर मछलियां पकड़ने का खतरनाक खेल खेलते हैं। इसी लालच की वजह से पूरी नदी का पानी जहरीला हो गया, जिसकी चपेट में ये बेकसूर बकरियां आ गईं।
मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में इस तरह खुलेआम जहर घोलने से न केवल मवेशियों की जान को खतरा है, बल्कि इससे जलजीवों और आसपास के पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। फिलहाल, चकरघट्टा पुलिस ने पीड़ित की तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और ग्रामीण आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई व उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।