नौगढ़ के टिकुरिया में गुरु पूर्णिमा पर सिद्धेश्वर महादेव शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा, हर-हर महादेव से गूंजा गांव

 

नौगढ़ के टिकुरिया गांव में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सिद्धेश्वर महादेव शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई। तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठान, अखंड हरिकीर्तन और विशाल भंडारे से पूरा गांव शिवमय हो गया।

 
 

सिद्धेश्वर महादेव शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा

नौगढ़ के टिकुरिया में तीन दिवसीय अनुष्ठान

ग्राम प्रधान मौलाना यादव की सराहनीय पहल

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ हवन

विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र स्थित टिकुरिया गांव में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और धार्मिक पल देखने को मिला। तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठान के सफल समापन पर सिद्धेश्वर महादेव शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस दौरान पूरा गांव 'हर-हर महादेव' के जयकारों, अखंड हरिकीर्तन, महाहवन और वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

कलश यात्रा और 24 घंटे के हरिकीर्तन से बना भक्ति का माहौल
धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन वेदी निर्माण, अधिवास, गणेश पूजन, कलश स्थापना और नवग्रह पूजन के साथ भव्य शुरुआत हुई। इसके बाद शिवलिंग का गांव में भ्रमण कराया गया और कुंवारी कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। अनुष्ठान के दूसरे दिन मंदिर परिसर में 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन और रामायण पाठ आयोजित हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में डूबा रहा।

आचार्यों के वैदिक मंत्रों के बीच हुई प्राण प्रतिष्ठा
गुरु पूर्णिमा के दिन मुख्य यजमान देवेंद्र कुमार यादव और ग्राम प्रधान मौलाना यादव सहित अन्य यजमानों की उपस्थिति में पूर्णाहुति हवन संपन्न कराया गया। आचार्य धैर्य कुमार पाण्डेय (शास्त्री) के नेतृत्व में पंडित संदीप कुमार मिश्र और पंडित धीरज कुमार मिश्र ने शास्त्रोक्त विधि और वैदिक मंत्रोच्चार से सिद्धेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा कराई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और आरती कर महादेव का आशीर्वाद लिया।

ग्राम प्रधान मौलाना यादव की पहल से पूरा हुआ संकल्प
ग्रामीणों के अनुसार टिकुरिया गांव में सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना का सपना लंबे समय से था। ग्राम प्रधान मौलाना यादव ने इस संकल्प को पूरा करने के लिए ग्रामीणों को एकजुट किया और मंदिर निर्माण से लेकर अनुष्ठान तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों और सामूहिक सहभागिता से यह आयोजन सामाजिक समरसता की एक नई मिसाल बन गया।

विशाल भंडारे के साथ मिली नई धार्मिक पहचान
प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें टिकुरिया और आसपास के कई गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों का मानना है कि सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना से टिकुरिया को एक नई धार्मिक पहचान मिली है और यह स्थल भविष्य में क्षेत्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।