नौगढ़ के लिए बड़ा सबक: सांप काटने पर झाड़-फूंक के अंधविश्वास को छोड़ BHU पहुंची महिला, डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी
चंदौली के नौगढ़ में सर्पदंश का शिकार हुई एक महिला की समय पर अस्पताल पहुंचने से जान बच गई। अंधविश्वास को छोड़ डॉक्टरों पर भरोसा जताने वाली इस घटना की पूरी कहानी और जरूरी सीख जानने के लिए पढ़ें।
सांप काटने पर अस्पताल दौड़ें
बसौली की महिला की बची जान
झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
नौगढ़ सीएचसी से बीएचयू रेफर
प्रधान प्रतिनिधि ने की भावुक अपील
अगर आज भी सांप के काटने के बाद आपका पहला कदम ओझा, गुनिया या झाड़-फूंक की ओर बढ़ता है, तो तुरंत संभल जाइए। आपका यही एक गलत फैसला किसी की जिंदगी और मौत के बीच का सबसे बड़ा फर्क बन सकता है। चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में चकरघट्टा थाना क्षेत्र के बसौली गांव की एक घटना ने फिर साबित कर दिया है कि आस्था अपनी जगह है, लेकिन सांप के जहर का इलाज सिर्फ और सिर्फ अस्पताल में ही मुमकिन है।
समय रहते डॉक्टरों ने बचाई जिंदगी
चकरघट्टा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बसौली गांव के रहने वाले राजकुमार कोल की पत्नी को जहरीले सांप ने काट लिया था। इस मुश्किल घड़ी में परिजनों ने अंधविश्वास में समय गंवाने के बजाय समझदारी दिखाई और पीड़ित महिला को बिना देर किए तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नौगढ़ पहुंचाया। वहां के डॉक्टरों ने महिला की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार देकर तुरंत बीएचयू (BHU) वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बेहतरीन इलाज से महिला की हालत में सुधार हुआ और अब वह पूरी तरह सुरक्षित है।
फेसबुक पर साझा की सीख देने वाली कहानी
बसौली गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और लोकप्रिय समाजसेवी जयप्रकाश सिंह उर्फ 'शेरू यादव' ने सोशल मीडिया पर अस्पताल में ठीक हो रही महिला की तस्वीर के साथ इस पूरी घटना को साझा किया है। उन्होंने बाबा विश्वनाथ के प्रति अपनी गहरी आस्था जताई और समय पर इलाज करने वाले डॉक्टरों का दिल से आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र के तमाम लोगों से अपील की है कि सांप काटने जैसी आपातकालीन स्थिति में झाड़-फूंक के जाल में न फंसें, बल्कि तुरंत सरकारी अस्पताल भागें।
बरसात में बढ़ा खतरा, अब फैसला आपका
बारिश के इस मौसम में नौगढ़ का जंगली और पहाड़ी इलाका सांपों और बिच्छुओं के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। हर साल इस इलाके में कई परिवार केवल झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती मिनट बर्बाद कर देते हैं और मरीज दम तोड़ देता है। बसौली गांव की यह घटना पूरे चंदौली जिले के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है और एक सही राह भी, क्योंकि सांप का जहर डॉक्टरों की दवाइयों से उतरता है, किसी तांत्रिक की फूंक से नहीं।