देख लीजिए एसपी साहब, सुलह के लिए बनाया जा रहा है दबाव
चकरघट्टा थाना में नहीं सुनी जा रही है विधवा महिला की फरियाद
थानाध्यक्ष ने मेंटल कहकर ठुकराई शिकायत
एएसपी और सीओ की चेतावनी के बावजूद एफआईआर नही
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में चकरघट्टा थाना क्षेत्र में गहिला गांव में एक विधवा महिला की शिकायत ने पुलिस की संवेदनहीनता और मनबढ़ रवैये को उजागर किया है। पीड़िता का पति सड़क दुर्घटना में मारा गया और वह अब अपने मायके में रह रही है। इसीलिए गांव का एक मनबढ़ युवक उसे लगातार मोबाइल और व्हाट्सएप कॉल से परेशान कर रहा है, उसने एक दिन मौका पाकर सुनसान जगह पर सिंदूर डालने के लिए पीछा किया। महिला ने थाने जाकर गुहार लगाई तो पुलिस ने उसे पीला पन्ना थमा दिया और अब बताया जा रहा है कि महिला “मेंटल” है।
आपको बता दें कि पीड़ित महिला की फरियाद पर नौगढ़ नक्सल समीक्षा बैठक में आए एएसपी दिगंबर कुशवाहा ने थानाध्यक्ष को फटकार लगाई और एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया, साथ ही सीओ को भी मामले में हस्तक्षेप करने को कहा गया, लेकिन 7 दिन बीतने के बाद भी थानाध्यक्ष के द्वारा मुकदमा लिखने के बजाय पीड़ित महिला को मेंटल बताया जा रहा है।
एएसपी से बताया, थाने से मिला है पीला पन्ना
पीड़िता ने थाना पुलिस को दिए गए तहरीर देने के बाद सुनवाई ना होने पर एएसपी दिगंबर कुशवाहा को बताया कि गांव का मनबढ़ आरोपी उसे बार-बार मोबाइल पर कॉल करके डराया, धमका रहा है। उसने सुनसान जगह पर पीछा कर सिंदूर डालने की कोशिश की। तहरीर दिए जाने के बावजूद थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने मुकदमा नहीं लिखा। केवल पीला पन्ना थमा दिया है। महिला का कहना है कि हमें न्याय नहीं मिला तो अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के पास जाकर फरियाद करेंगे।
थानाध्यक्ष सुलह समझौता करने हेतु बना रहे हैं दबाव
पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष अब समझौते का दबाव बना रहे हैं। पुलिस बार-बार कह रही है कि महिला मेंटल है और बयान बदल रही है। परिवार और स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि यदि एफआईआर और न्याय जल्द नहीं हुआ, तो वे सीधे एसपी चंदौली, महिला आयोग और जिला प्रशासन तक अपनी गुहार लेकर जाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता कह रहे हैं कि यह मामला केवल एक महिला का नहीं, बल्कि पूरे थाना क्षेत्र और पुलिस व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है।