नौगढ़ में शराबी पति की करतूत, व्रत रखी महिला ने खाया जहर, बीएचयू में भर्ती

हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौगढ़ रेफर किया गया। वहां से भी आराम न मिलने पर चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
 

जीवित्पुत्रिका व्रत के दिन पूजा से रोकने से भड़का विवाद

गुस्से में उठाया खौफनाक कदम

गाली-गलौज और मारपीट से बढ़ा विवाद

जहरीला पदार्थ खाने से गांव में मची सनसनी

बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में महिला भर्ती

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में चकरघटृटा थाना क्षेत्र के नर्वदापुर गांव में सोमवार की शाम दिल दहला देने वाली घटना हुई। शराबी पति की रोज-रोज की मारपीट और गाली-गलौज से तंग आकर महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया। महिला सुबह से ही जीवित्पुत्रिका व्रत पर थी और बच्चों  की सलामती के लिए पूजा कर रही थी। गांव में यह खबर फैलते ही सनसनी मच गई और लोग बड़ी संख्या में महिला के घर पर जुटने लगे।

जहर खाने के बाद तीन अस्पतालों का चक्कर

बताया जा रहा है कि परिजन उसे पहले इलाज के लिए आशिर्वाद हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौगढ़ रेफर किया गया। वहां से भी आराम न मिलने पर चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल महिला का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है लेकिन अभी वह ठीक से बोल नहीं पा रही है।

भाई तूफानी  का दर्द और गुस्सा

पंचायत मलेवर के रहने वाले पीड़िता के भाई तूफानी ने कहा, "बहन सुबह से व्रत रखी थी, घर के लिए प्रार्थना कर रही थी। लेकिन संदीप शराब पीकर आया और गाली गलौज करते हुए  पूजा स्थल पर जाने से मना करने लगा। बहन ने बहुत समझाया पर वह बदतमीजी करता रहा। यह सब देखकर बहन टूट गई। उसने जहर खुद खाया क्या किसी ने खिलाया, अभी सही बात जानकारी में नहीं आई है।बहन अस्पताल में है और ठीक से बोल भी नहीं पा रही है। हम चाहते हैं कि उसे न्याय मिले और पति पर सख्त कार्रवाई हो।"

गांव के लोगों का कहना है कि रोज-रोज की मारपीट और घरेलू हिंसा से महिला परेशान थी। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। लोगों का कहना है कि घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं अब समाज के लिए खतरे की घंटी बन चुकी हैं और पुलिस को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

घरेलू हिंसा पर जागरूकता जरूरी

महिला संगठन भी लगातार अपील कर रहे हैं कि घरेलू हिंसा को नजरअंदाज न करें।
ऐसी घटनाएं न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को तोड़ देती हैं। पीड़ितों को कानूनी और सामाजिक मदद मिलनी चाहिए ताकि वे इस तरह का कदम न उठाएं।