चंदौली का बढ़ेगा मान: विकास कार्यों के लिए चयनित हुईं सीमा गुप्ता और कंचन देवी, जानें क्या है उपलब्धि
चंदौली के चकिया क्षेत्र की दो महिला ग्राम प्रधानों को 11 मार्च को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा। केंद्र सरकार उनके उत्कृष्ट पंचायत कार्यों और नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें सम्मानित करेगी।
दिल्ली में राष्ट्रीय महिला पंचायत सम्मेलन
चकिया की दो प्रधान होंगी सम्मानित
उत्कृष्ट पंचायत कार्यों के लिए चयन
महिला नेतृत्व का राष्ट्रीय स्तर पर मान
सीमा गुप्ता और कंचन देवी की उपलब्धि
चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र के लिए गौरव का पल है। पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 'राष्ट्रीय महिला पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन' में चकिया की दो प्रतिभावान महिला ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। सिकंदरपुर ग्राम पंचायत की प्रधान सीमा गुप्ता और उतरौत ग्राम पंचायत की प्रधान कंचन देवी को इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल इन दोनों प्रधानों के लिए, बल्कि पूरे चकिया क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक गौरव है।
क्या है यह राष्ट्रीय सम्मान?
पंचायतीराज विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, देशभर से कुल 135 महिला जनप्रतिनिधियों का चयन किया गया है, जिन्होंने पंचायत स्तर पर अभूतपूर्व कार्य किए हैं। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को निखारना और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। सम्मानित होने वाली प्रधानों का चयन 'दीनदयाल पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार' और 'महिला हितैषी ग्राम पंचायत' जैसी श्रेणियों के तहत किया गया है।
नेतृत्व और विकास की मिसाल
सीमा गुप्ता और कंचन देवी ने अपने कार्यकाल के दौरान ग्राम पंचायतों में जनकल्याणकारी योजनाओं का न केवल शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में कई नवाचार भी किए हैं। उनके द्वारा किए गए कार्यों, जिनमें बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं, को केंद्र सरकार द्वारा सराहा गया है। दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर की अन्य महिला जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर ये दोनों प्रधान अपने अनुभवों को साझा करेंगी और ग्रामीण विकास के भविष्य पर चर्चा करेंगी।
क्षेत्र में हर्ष की लहर
इन दोनों प्रधानों के राष्ट्रीय स्तर पर चयन से स्थानीय निवासियों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों में भारी उत्साह है। लोगों का कहना है कि यह सम्मान महिलाओं के आत्मबल को बढ़ाने वाला है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है। ग्रामीणों ने इस चयन को उनके कठिन परिश्रम और ईमानदारी से किए गए विकास कार्यों का परिणाम बताया है। चकिया क्षेत्र में इस खबर के फैलते ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।