सैयदराजा नगर पंचायत में 5 महीने बाद भी जांच अधर में: पूर्व चेयरमैन शंकर जायसवाल बोले- न्याय नहीं मिला तो जाएंगे कोर्ट

 

चंदौली के सैयदराजा नगर पंचायत में करोड़ों की कथित हेराफेरी की जांच में देरी पर मामला गरमा गया है। पूर्व चेयरमैन शंकर प्रसाद जायसवाल की शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने जांच समिति को 2 दिन में रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है।

 
 

सैयदराजा नगर पंचायत भ्रष्टाचार मामला गरमाया

पूर्व चेयरमैन शंकर जायसवाल का बड़ा आरोप

डीएम ने 2 दिन में मांगी रिपोर्ट

सीएम के निर्देश पर गठित हुई थी समिति

निष्पक्ष जांच न होने पर कोर्ट जाने की चेतावनी

चंदौली जिले के नगर पंचायत सैयदराजा में कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांच का मामला एक बार फिर गरमा गया है। नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन शंकर प्रसाद जायसवाल ने इस मामले को लेकर सीधे जिलाधिकारी से मुलाकात की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित जांच समिति मामले में ढिलाई बरत रही है। करीब पांच महीने का समय बीत जाने और दो बार स्थलीय निरीक्षण करने के बावजूद समिति ने अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।

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बिना रजिस्टर दर्ज किए करोड़ों की हेराफेरी का आरोप
पूर्व चेयरमैन ने जिलाधिकारी को बताया कि मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद के निर्देश पर इस जांच समिति का गठन हुआ था। समिति ने मौके पर जाकर जांच भी पूरी कर ली है, लेकिन रिपोर्ट को अटकाकर रखा गया है। शंकर प्रसाद जायसवाल का गंभीर आरोप है कि नगर पंचायत में बिना कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज किए मनमाने ढंग से काम कराए गए। इन कामों के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना बहुत जरूरी है।

एक्शन में डीएम: 2 दिन के भीतर मांगी जांच रिपोर्ट
पूर्व चेयरमैन की शिकायत और कड़े रुख को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच समिति को तत्काल पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश जारी किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच समिति को दो दिन के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट हर हाल में प्रस्तुत करनी होगी। डीएम के इस कड़े रुख के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

निष्पक्ष जांच न होने पर कोर्ट और सीएम के पास जाने की चेतावनी
पूर्व चेयरमैन शंकर प्रसाद जायसवाल ने साफ किया है कि वे इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे दोबारा मुख्यमंत्री से मिलकर सारे तथ्यों को उनके सामने रखेंगे। फिलहाल, डीएम के ताजा फरमान के बाद अब सभी की निगाहें दो दिन बाद आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।