बरहनी के 20 गांवों में खेल मैदान का अकाल: विधायक सुशील सिंह से युवाओं की गुहार, क्यों नहीं बन पा रहे स्टेडियम?

 

चंदौली के बरहनी विकासखंड के 20 गांवों में खेल मैदान न होने से युवाओं का भविष्य अधर में है। जमीन चिह्नित होने और शासन के निर्देशों के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होने से ग्रामीणों में सैयदराजा विधायक के प्रति नाराजगी है।

 
 

20 गांवों में खेल के मैदान का भारी अभाव

खेतों में अभ्यास करने को मजबूर ग्रामीण प्रतिभाएं

सिकठा और भतीजा ग्राम पंचायत में जमीन चिह्नित

ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जों से बाधा

विधायक सुशील सिंह से स्टेडियम निर्माण की मांग

चंदौली जिले में एक ओर सरकार 'खेलो इंडिया' और ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर चंदौली जनपद के बरहनी विकासखंड की जमीनी हकीकत इन दावों को ठेंगा दिखा रही है। ब्लॉक के लगभग 20 गांव आज भी खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहे हैं। सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण अंचल के उभरते हुए खिलाड़ी खेतों की धूल फांकने को मजबूर हैं।

इन गांवों में है मैदान का अकाल, प्रतिभाएं हो रहीं मायूस
बरहनी विकासखंड के सलेमपुर, नूरी, तम्बागढ़, पिपर्दाहा, सबल जलालपुर, खझरा, सिरकलपुर, पिपरी, डिग्घी और बेटाडीह जैसे दर्जनों गांवों के युवाओं ने क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह से खेल मैदान और स्टेडियम निर्माण की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि मैदान न होने के कारण बच्चे खेतों में ही क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलते हैं, जहाँ न तो सही पिच है और न ही सुरक्षा के इंतजाम। इससे प्रतिभाएं दबकर रह जाती हैं।

जमीन है, पर कब्जे और ढिलाई ने रोका रास्ता
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि महेंद्र सिंह ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि सिकठा और भतीजा ग्राम पंचायतों में स्टेडियम निर्माण के लिए जमीन तो चिह्नित कर ली गई है, लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वहीं, अन्य कई पंचायतों में ग्राम समाज की भूमि उपलब्ध तो है, लेकिन उस पर प्रभावशाली किसानों और अन्य लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। प्रशासन की ढिलाई के कारण ये जमीनें खेल के उपयोग में नहीं आ पा रही हैं।

विधायक सुशील सिंह से सीधी मांग
भैसउर के भानु राय, पंकज शुक्ला, डैना के दरोगा राय और देवकली के विनोद सिंह सहित कई ग्रामीणों का कहना है कि यदि सैयदराजा विधायक सुशील सिंह और जिला प्रशासन थोड़ी पहल करें, तो अवैध कब्जे हटवाकर जल्द ही मैदान तैयार कराए जा सकते हैं। ग्रामीणों ने विधायक जी से सवाल किया है कि चुनावी वादों के बाद अब धरातल पर खेल का मैदान कब नजर आएगा?

खिलाड़ियों का भविष्य अधर में
सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक ब्लॉक और पंचायत स्तर पर खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए। इसके बावजूद, बरहनी के युवाओं को तकनीकी और प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण इंतजार करना पड़ रहा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते मैदान की सुविधा नहीं मिली, तो जनपद की कई प्रतिभाएं बिना अवसर मिले ही दम तोड़ देंगी।

अब देखना यह है कि सैयदराजा विधायक और संबंधित विभाग इस दिशा में कब सक्रिय होते हैं और बरहनी के 20 गांवों के खिलाड़ियों का सपना कब साकार होता है।