भाजपा के लिए धर्म सत्ता का साधन: चंदौली में कांग्रेसियों का प्रदर्शन, मणिकर्णिका घाट पर माता अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने के विरोध में सौंपा ज्ञापन
वाराणसी में मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में चंदौली कांग्रेस ने हुंकार भरी। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण का कड़ा विरोध
माता अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने पर आक्रोश
भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति का आरोप
शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार को बताया शर्मनाक
राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
चंदौली जिले में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी चंदौली और शहर कांग्रेस कमेटी मुगलसराय के संयुक्त तत्वाधान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुए ध्वस्तीकरण और वहां स्थापित माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को तोड़े जाने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान कांग्रेसियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
भाजपा पर धर्म के नाम पर 'व्यापार' करने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से उपस्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह 'मुन्ना' ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा को धर्म और आस्था से वास्तव में कोई सरोकार नहीं है। उनके लिए धर्म केवल सत्ता प्राप्त करने और राजनीति का धंधा करने का एक जरिया मात्र है।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने आगे कहा, "वाराणसी में माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़ना और प्रयागराज में पूज्य शंकराचार्य जी के साथ दुर्व्यवहार करना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यह सरकार तानाशाह हो चुकी है। जिस दिन जनता इस पाखंड को समझ जाएगी, उस दिन धर्म के नाम पर वोट पड़ना बंद हो जाएगा और लोग अपनी बुनियादी जरूरतों और असल मुद्दों पर वोट देंगे।"
धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और तानाशाही
जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि 10 जनवरी को वाराणसी में अचानक मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त करना और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को खंडित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक कृत्य है। उन्होंने प्रयागराज की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी को स्नान से रोकना और उनके शिष्यों के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार हिंदू धर्म की परंपराओं पर प्रहार है।
द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल चुनाव के समय धर्म की 'फर्जी ठेकेदार' बनती है, जबकि वास्तविकता में वह गांव, गरीब, किसान और मजदूर का हक मारकर केवल चंद खरबपतियों का भला कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जन कल्याण के लिए नहीं बल्कि पूंजीपतियों के साथ व्यापार करने के लिए चल रही है।
प्रदर्शन में सैकड़ों कांग्रेसियों की रही उपस्थिति
इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से बृजेश गुप्ता, मधु राय, रजनी कांत पांडे, तरुण पाण्डेय, राजेंद्र गौतम, दया राम पटेल, तौफिक खान, शाहिद तौसीफ और माधवेंद्र मूर्ति ओझा सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए।
वक्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि मणिकर्णिका घाट पर धार्मिक प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ तुरंत रोकी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी कि यदि धार्मिक स्थलों और महापुरुषों की मूर्तियों का अपमान बंद नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।