कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का हल्लाबोल, किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

 

चंदौली कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। खाद-बीज की कमी और बढ़ी हुई बिजली दरों के खिलाफ आवाज उठाते हुए उन्होंने मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।

 
 

कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांगपत्र

बिजली दरों में वृद्धि वापस लेने की मांग

गढ़ई नदी खुदाई भ्रष्टाचार की जांच

मांगें न मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले में अन्नदाताओं से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों और समस्याओं को लेकर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण आज का किसान बदहाली की कगार पर पहुंच गया है। इस पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने किया, जबकि विशेष रूप से पार्टी के प्रदेश महासचिव देवेंद्र सिंह मुन्ना भी इस दौरान उपस्थित रहे।

राज्यपाल को भेजा 5 सूत्रीय मांग पत्र, नहरों में पानी और खाद-बीज की मांग
कलेक्ट्रेट परिसर में जबरदस्त प्रदर्शन करने के बाद कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस सौंपे गए पत्रक में किसानों के हितों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने पुरजोर मांग की कि खरीफ सीजन को देखते हुए सिंचाई के लिए सभी स्थानीय नहरों में तत्काल पर्याप्त पानी छोड़ा जाए। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को समय पर खाद और उत्तम किस्म के बीज उपलब्ध कराने की मांग की, क्योंकि वर्तमान में किसानों को खाद-बीज के लिए भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

भूमि अधिग्रहण और गढ़ई नदी की खुदाई में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की कीमती और उपजाऊ कृषि भूमि के जबरन अधिग्रहण पर तुरंत रोक लगाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर किसानों से उनकी आजीविका का एकमात्र साधन छीना जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गढ़ई नदी की खुदाई के कार्य में हुए कथित बड़े वित्तीय भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। नेताओं ने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को बेनकाब कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

बिजली की दरों में 10 प्रतिशत वृद्धि वापस लेने की चेतावनी, व्यापक आंदोलन का ऐलान
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में बिजली की दरों में की गई 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने तथा लगातार बढ़ रही डीजल की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की। इसके साथ ही शहीद स्मारक निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं, पंप कैनालों की दुर्दशा और गंगा नदी से होने वाले भीषण कटान के मुद्दों पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया। प्रदेश महासचिव देवेंद्र सिंह मुन्ना ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। अंत में जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी कि यदि इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस किसानों के अधिकार के लिए पूरे जिले में एक व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी।