चंदौली जिला अस्पताल बचाने के लिए कांग्रेस का हल्लाबोल: मेडिकल कॉलेज की आड़ में वजूद मिटाने का आरोप, विरोध मार्च निकालकर प्रदर्शन
चंदौली जिला अस्पताल के अस्तित्व को बचाने के लिए कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि मेडिकल कॉलेज के नाम पर जिला अस्पताल की सुविधाओं को खत्म करना बंद करे सरकार।
पंडित कमलापति त्रिपाठी अस्पताल बचाने की मुहिम
डॉक्टरों और कर्मचारियों के तबादले का विरोध
जिला प्रशासन और भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल अलग चलाने की मांग
उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने की चेतावनी
चंदौली जनपद के पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय के अस्तित्व को लेकर मचे घमासान के बीच बुधवार, 8 अप्रैल को जिला कांग्रेस कमेटी ने शासन और सत्ता के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में विशाल विरोध मार्च निकाला, जो पंडित कमलापति त्रिपाठी पार्क में पहुँचकर एक विशाल धरने में तब्दील हो गया। कांग्रेस का आरोप है कि जिला प्रशासन और सत्ता पक्ष मिलकर जिले की इस प्रमुख स्वास्थ्य संस्था को समाप्त करने की साजिश रच रहे हैं।
स्वतंत्र वजूद बचाने की लड़ाई
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय किसी भी जिले की रीढ़ होता है, लेकिन भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि मेडिकल कॉलेज की आड़ में इसे खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के अनुभवी चिकित्सकों और स्टाफ का तबादला कर दिया गया है और पुरानी सुविधाओं को बंद किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल दो अलग-अलग स्वतंत्र संस्थाएं हैं, दोनों का बजट और संचालन पूरी क्षमता से अलग-अलग होना चाहिए। संयुक्त रूप से संचालित कर बजट में कटौती करना एक बड़ा घोटाला है जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
चार सूत्रीय मांगों पर अड़ी कांग्रेस
जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार मेडिकल कॉलेज को पूरी क्षमता से चलाने में विफल रही है। वहाँ न तो एमआरआई (MRI) की सुविधा है और न ही न्यूरो या गैस्ट्रोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभाग सक्रिय हैं। प्रशासन की मंशा जिला अस्पताल को ही मेडिकल कॉलेज में विलीन कर इसे समाप्त करने की है। कांग्रेस ने शासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं:--
- जिला अस्पताल का संचालन पूरी क्षमता से स्वतंत्र रूप से किया जाए.
- स्थानांतरित किए गए सभी डॉक्टरों और कर्मियों को तत्काल वापस तैनात किया जाए.
- जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को अलग-अलग बजट और संसाधन आवंटित हों.
- पिछले पाँच वर्षों में जिला अस्पताल को मिले बजट और खर्च की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए.
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
कार्यक्रम के अंत में उप जिलाधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल संज्ञान नहीं लिया गया, तो पार्टी आम जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
इन दिग्गजों की रही मौजूदगी
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से महासचिव देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना, जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी, बृजेश गुप्ता, मधु राय, धरणीधर तिवारी, शीतला प्रसाद, महेंद्र सिंह, रजनी कांत पांडेय, तरुण पाण्डेय, तौफीक खान, रामानंद यादव, टीआर दिनकर, अकिल अहमद, और सतीश बिंद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिवेन्द्र मिश्रा ने किया। कार्यकर्ताओं के भारी जमावड़े को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। ज्ञापन सौंपने के बाद आंदोलन को अगले चरण तक के लिए स्थगित कर दिया गया।