सांसद वीरेंद्र सिंह की पहल भी फेल : 29 लाख का बजट और 7 महीने का इंतजार, भैंसउर-डैना सड़क का काम अधर में 

 

धीना क्षेत्र के भैंसउर और डैना गांव को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण 7 माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है। 29 लाख रुपये का टेंडर होने के बावजूद सड़क जर्जर है, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

 
 

29 लाख की लागत वाली सड़क का काम ठप

8 नवंबर 2025 को पूरी हुई थी टेंडर प्रक्रिया

भैंसउर से डैना तक डेढ़ किमी रास्ता जर्जर

15वें वित्त आयोग मद से स्वीकृत हुआ था बजट

बरसात से पहले निर्माण शुरू न होने पर चेतावनी

चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा में भैंसउर और डैना गांव को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क प्रशासनिक उपेक्षा और कार्यदायी संस्था की लापरवाही का शिकार बनी हुई है। करीब सात महीने पहले सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद धरातल पर ईंट तक नहीं रखी गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।

सांसद की पहल पर मिला था 29 लाख का बजट
ग्रामीणों के अनुसार, वर्तमान सांसद वीरेंद्र कुमार सिंह के विशेष प्रयासों से 15वें वित्त आयोग मद के अंतर्गत इस डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण की योजना बनी थी। सड़क निर्माण के लिए लगभग 29 लाख रुपये की लागत का टेंडर 8 नवंबर 2025 को ही संपन्न हो गया था। बजट स्वीकृत होने और टेंडर होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी जर्जर रास्ते की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

चकमार्ग बना झाड़ियों का जंगल, राहगीर परेशान
भैंसउर नहर से डैना गांव तक जाने वाला यह चकमार्ग वर्तमान में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। रख-रखाव के अभाव में सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और सड़क के किनारे व बीच में कटीली झाड़ियां उग आई हैं। ग्रामीण मनीष राय, प्रिंस राय, छोटू उपाध्याय और टुनटुन राय ने बताया कि इस रास्ते पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर गड्ढों के कारण दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

बरसात से पहले काम शुरू करने की चेतावनी
ग्रामीण दरोगा राय का कहना है कि सांसद ने अपनी निधि और प्रयासों से टेंडर तो करा दिया, लेकिन विभाग अब काम शुरू कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून की बारिश शुरू होने से पहले सड़क पर मिट्टी और गिट्टी बिछाने का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो बरसात के बाद दलदल के कारण निर्माण कार्य कराना असंभव हो जाएगा। इससे अगले कई महीनों तक गांव का संपर्क कटा रहेगा।

ग्रामीणों की मांग और रोष
धीना क्षेत्र के इस ग्रामीण अंचल के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टेंडर प्राप्त करने वाली संस्था को तत्काल प्रभाव से कार्य शुरू करने के लिए निर्देशित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल, 29 लाख का यह प्रोजेक्ट फाइलों में तो दौड़ रहा है, लेकिन जमीन पर ग्रामीणों को केवल धूल और गड्ढे ही मिल रहे हैं।