बेटियों को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरी जन अधिकार पार्टी, हत्यारों को फांसी की मांग
चंदौली के बिछिया धरना स्थल पर जन अधिकार पार्टी ने महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दो हत्याओं के दोषियों को फांसी और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की।
जन अधिकार पार्टी का प्रदर्शन
महिलाओं की सुरक्षा की मांग
बिछिया धरना स्थल पर विरोध
हत्यारों को फांसी की सजा
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल
उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और जघन्य घटनाओं के विरोध में चन्दौली जिले का माहौल गरमा गया है। मंगलवार को चन्दौली के बिछिया धरना स्थल पर जन अधिकार पार्टी द्वारा एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कार्यकर्ताओं ने राज्य की लचर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और पीड़ित बेटियों के लिए इंसाफ की गुहार लगाई।
न्याय के लिए एक दिवसीय धरना
पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य रूप से हरदोई की शिल्पी कुशवाहा और गाजीपुर की निशा विश्वकर्मा की हालिया हत्याओं के विरोध में एक दिवसीय धरना दिया। धरने का नेतृत्व जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह कुशवाहा और युवा जिलाध्यक्ष प्रदुम सिंह मौर्य ने संयुक्त रूप से किया। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज्य में हत्या और लूट की घटनाओं ने आम जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है और महिलाएं खुद को बिल्कुल भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी चन्दौली के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कड़े शब्दों में मांग की गई कि शिल्पी कुशवाहा और निशा विश्वकर्मा के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए। इसके अलावा, दोनों पीड़ित परिवारों को ₹50-50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
युवा जिलाध्यक्ष प्रदुम सिंह मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा कि जब तक इन बेटियों को न्याय नहीं मिल जाता, पार्टी का संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से ठोस और त्वरित कदम उठाने की अपील की। इस प्रदर्शन में प्रद्दुम्न मौर्य, दीपक विश्वकर्मा, संजय कुमार मौर्य, संजय सिंह, प्रमोद कुमार, राम भरत राय, धनंजय विश्वकर्मा, आनंद कुमार मौर्य, रामकेवल मौर्य व दीपक कुमार सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्यायपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।