चंदौली में 29 आउटसोर्स बिजली कर्मियों की बर्खास्तगी पर भड़के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, ADM को सौंपा ज्ञापन

चंदौली में 10 साल से सेवा दे रहे 29 बिजली आउटसोर्स कर्मियों को हटाए जाने पर सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने एडीएम से मुलाकात की। उन्होंने हटाए गए कर्मियों की तुरंत बहाली और मानदेय बढ़ाने की मांग की है।
 

हटाया गया 29 बिजली आउटसोर्स कर्मियों को

पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू एडीएम से मिले

10 साल पुरानी सेवा समाप्त करना गलत

एडीएम और अधीक्षण अभियंता की बुधवार को बैठक

बहाली न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने मंगलवार को एडीएम राजेश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने विद्युत विभाग से हटाए गए कंप्यूटर ऑपरेटरों और राजस्व वसूली में लगे ठेका संविदा कर्मियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने 29 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के फैसले को अनुचित बताया।

10 वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों पर संकट
पूर्व विधायक ने एडीएम को बताया कि हटाए गए 29 आउटसोर्स कर्मी पिछले 10 सालों से जिले के विद्युत उपकेंद्रों और कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 1 सितंबर 2026 से कंपनी का करार खत्म होने और नई चयनित कंपनी आने के बाद इन कर्मियों को अचानक हटा दिया गया है, जो कि पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है।

मानदेय की जगह कमीशन की शर्त पर आपत्ति
मनोज सिंह डब्लू ने बताया कि पहले इन कर्मियों को पीएफ और ईएसआईसी कटौती के बाद ₹17,238 प्रतिमाह मानदेय मिलता था। लेकिन अब नई कंपनी इन्हें महीने के आधार पर कमीशन देने की बात कह रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई में मानदेय बढ़ाना चाहिए था, न कि रोजगार छीनना या कमीशन आधारित व्यवस्था लागू करना चाहिए।

रोजी-रोटी पर संकट और बड़े आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन युवाओं ने अपने जीवन का एक दशक बिजली विभाग को दिया है और इनके परिवारों का भरण-पोषण इसी नौकरी पर निर्भर है। उन्होंने सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द कर सभी की बहाली की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कर्मियों के हितों की अनदेखी हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

बुधवार को बैठक कर निकाला जाएगा समाधान
सपा नेता की बात सुनने के बाद एडीएम राजेश कुमार ने मामले पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। एडीएम ने कहा कि वह इस संबंध में बुधवार को बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) के साथ बैठक करेंगे और मामले का उचित समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाएंगे।