'मंच पर बाहुबली और घर में जनसेवक' - हाउस अरेस्ट होने पर भड़के सपा नेता मनोज सिंह डब्लू
सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू को शनिवार को पुलिस ने उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। मुख्यमंत्री से मिलकर चंदौली में बढ़ते अपराध पर चर्चा करने की योजना बना रहे सपा नेता ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया है।
मुख्यमंत्री के आगमन पर हाउस अरेस्ट हुए मनोज सिंह
पुलिस नहीं दिखा सकी लिखित नजरबंदी आदेश
सपा नेता ने प्रशासन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
अपराध के मुद्दे पर सीएम से मिलना चाहते थे पूर्व विधायक
सैयदराजा पुलिस और सपा समर्थकों में तीखी नोकझोंक
चंदौली जनपद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शनिवार को प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर दिखा। इसी क्रम में सैयदराजा थाना पुलिस ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू को उनके आवास पर 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश का हवाला देते हुए भारी संख्या में पुलिस बल ने उनके घर की घेराबंदी कर दी और उन्हें क्षेत्र भ्रमण या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया।
बिना लिखित आदेश के कार्रवाई पर उठे सवाल
नजरबंदी के दौरान पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जब मनोज सिंह ने पुलिस से हाउस अरेस्ट से संबंधित लिखित आदेश की प्रति मांगी, तो मौके पर मौजूद अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने तक लगातार जारी रही। सपा नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में गुंडे-बदमाशों जैसा आचरण कर रही है, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
'मंच पर बाहुबली और जनता के सेवक घर में कैद' – मनोज सिंह डब्लू
इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मनोज सिंह डब्लू ने कहा, "जनपद में बढ़ते अपराध के मुद्दों पर मुख्यमंत्री से चर्चा करना कोई गुनाह नहीं है। जिलाधिकारी से एक मिनट की मुलाकात की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस का सहारा ले रहा है।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के मंच पर बाहुबली प्रवृत्ति के लोग सजे हुए हैं, जबकि जनता के मुद्दों को उठाने वाले नेताओं को घर में कैद किया जा रहा है। उन्होंने इसे विपक्ष का सीधा उत्पीड़न करार दिया।
लोकतंत्र और संविधान की दुहाई
पूर्व विधायक ने बताया कि प्रतिदिन की तरह क्षेत्र की जनता अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिलने के लिए प्रतीक्षारत थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें बंधक बनाकर जनता की आवाज को दबाने का काम किया है। सपा कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। जिले में इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है और विपक्षी खेमा एकजुट होकर प्रशासन के इस रवैये का विरोध कर रहा है।