भाजपा बनाम जनता होगा अबकी बार का लोकसभा चुनाव, अजय राय का है ये दावा
 

आईपीएफ के राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय ने यूपी ऐजेण्डा के रोजी रोजगार का सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार जी ने रोज़गार के मसले पर जनता को बड़ा धोखा दिये है।
 

हर  कोई भाजपा की जुमलेबाजी से परेशान

भाजपा को हराना देश के नागरिकों  का राष्ट्रीय कर्तव्य

भाजपा सरकार को सत्ता में आने से रोकें युवा

चंदौली जिले के किसानों व मजदूरों के नेता अजय राय ने कहा कि आज देश में भाजपा  सरकार से  किसान, जवान, मजदूर,  महिला , युवा, आदिवासी सब परेशान हैं, तो इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा बनाम देश की जनता चुनाव लड़ेंगी।  मोदी  जी हर चुनाव में नये - नये नारे गढ़ते हैं और जनता जब परेशान होती हैं तब अरबों रुपये खर्च करके भी असलियत पर परदा डालने की कोशिश करते हैं, लेकिन देश की जनता समझ रहीं है। इसलिए  जनता के सामने अपनी असलियत सामने आने पर भाजपा में जो बौखलाहट छाई है। यह उसी का नतीजा है कि आज असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए उसके नेता पुनः  जुमेलेबाजी कर रहे हैं।

 आईपीएफ के राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय ने यूपी ऐजेण्डा के रोजी रोजगार का सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार जी ने रोज़गार के मसले पर जनता को बड़ा धोखा दिये है। इसका उदाहरण हैं कि आईएलओ ( अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन  ) व आईएचडी ( इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट) द्वारा प्रकाशित " भारत रोजगार रिपोर्ट 2024  " के मुताबिक कुल बेरोजगारों  में 83 प्रतिशत युवा हैं। जिस देश में बेरोज़गारी चरम पर है, वहाँ रोज़गार से जुड़ी योजना का ऐसा हाल करने वाली भाजपा सरकार ने पिछले पाँच साल में जुमले गिराने के अवाला और कोई काम नहीं किया है।

आगे कहा कि देश की जनता इस बार जुमलेबाजों और नफ़रत फैलाने वालों का समर्थन नहीं करने वाली है।वही मोदीजी ने शिक्षा नीति को भी बर्बाद कर दिया है। अपने कार्य काल में सरकारी स्कूल कालेज व यूनिवर्सिटी को कमजोर किया है। यहां छात्रों को बुनियादी सुविधा देने की जगह  इन जगह पर शिक्षकों की भी कमी है। सरकार को किसानों के कर्ज माफी की, तरह उच्च शिक्षा पा रहे छात्रों के शिक्षा ऋण माफ करना चाहिए। मोदी जी की नीतियों के कारण देश के युवा बेरोजगार हुए हैं। इसलिए हर युवाओं की राष्ट्रीय कर्तव्य है कि छात्रों की विरोधी सरकार सत्ता से बेदखल करें।

उन्होंने  कहा कि आम चुनावों में रोजगार को मौलिक अधिकारों में शामिल करने, हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी और जब रोजगार की गारंटी न हो तब तक जीविकोपार्जन लायक बेकारी भत्ता, देश में सार्वजनिक क्षेत्र में रिक्त पड़े एक करोड़ पदों को तत्काल भरने, संविदा व्यवस्था खत्म करने और मुफ्त शिक्षा व स्वास्थ्य की गारंटी समेत नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, रेलवे, बिजली, बैंक, बीमा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निजीकरण पर रोक लगाने और रोजगार सृजन व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय संसाधनों हेतु ऊपरी एक फीसद अमीरों व कारपोरेट्स पर संपत्ति व इस्टेट ड्यूटी का प्रावधान जैसे ज्वलंत मुद्दों को  राजनीतिक विमर्श में लाने के लिए मुहिम चलाई जाएगी।