बहादुरपुर के बलदेव यादव के निधन से दुखी हुए सपा विधायक प्रभु नारायण सिंह, पीड़ित परिवार से मिलकर की बड़ी मांग
मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्राचीन काली मंदिर का गुंबद गिरने से बलदेव यादव का निधन हो गया। इस दुखद हादसे के बाद सपा विधायक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सरकार से मुआवजे की मांग की।
मंदिर ध्वस्तीकरण के दौरान हादसा
बुजुर्ग बलदेव यादव का निधन
पीड़ित परिवार से मिले विधायक
10 लाख और नौकरी का भरोसा
घायल के मुफ्त इलाज की मांग
चंदौली जिले के मुगलसराय (पीडीडीयू नगर) में पड़ाव-गोधना मोड़ चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रहे काम के दौरान एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ रेलवे जंक्शन के वीआईपी गेट के पास स्थित लगभग दो सौ वर्ष पुराने मां काली मंदिर को हटाने का काम चल रहा था। शुक्रवार की रात जब पोकलैंड और बैकहो लोडर मशीनों से मंदिर का ऊपरी हिस्सा गिराया जा रहा था, तभी अचानक उसका भारी-भरकम गुंबद भरभराकर नीचे गिर गया।
गुंबद गिरने से बलदेव यादव का असामयिक निधन
इस अचानक हुए हादसे की चपेट में आने से मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर निवासी बलदेव यादव के असामयिक निधन हो गया, जो कि अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुःखद घटना से पूरा क्षेत्र शोकाकुल है। वहीं हादसे में एक अन्य व्यक्ति घायल भी हुआ है। इस घटना के बाद मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद प्रशासन और संबंधित संस्था की तरफ से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद और नौकरी देने का भरोसा दिया गया है।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सकलडीहा विधायक
इस दुखद हादसे की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के सकलडीहा विधायक शोकाकुल पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। विधायक ने दिवंगत आत्मा को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। इसके साथ ही उन्होंने हादसे में घायल व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
विधायक ने सरकार और कंपनी से की बड़ी मांग
सपा विधायक ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रदेश सरकार और सड़क निर्माण से संबंधित कार्यदायी संस्था/कंपनी से बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि शोकाकुल परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए, परिवार के कम से कम एक सदस्य को पक्की रोजगार या नौकरी मिले तथा घायल व्यक्ति के समुचित एवं बिल्कुल निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को इस कठिन समय में सही मायने में संबल मिल सके।