लगता है मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल की बात मान गए योगी जी, साझा की पंचायतों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की तस्वीरें

 

मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के बाद प्रधानों और बीडीसी सदस्यों को 'प्रशासक' के रूप में कार्यभार सौंपने के ऐतिहासिक निर्णय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए अपनी पुरानी मांग का हवाला दिया है।

 
 

मुगलसराय विधायक की बड़ी पहल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभार

पंचायत प्रतिनिधियों को मिला प्रशासक पद

अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण का मुद्दा

छह महीने तक चलेगा सुचारू कार्य

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय पर न होने की स्थिति में ग्राम प्रधानों और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में मुगलसराय के क्षेत्रीय विधायक रमेश जायसवाल ने एक बड़ी राजनीतिक पहल की थी। विगत दिनों उनके विधानसभा क्षेत्र के अनेक पंचायत प्रतिनिधियों, जिनमें प्रधानगण, बीडीसी (BDC) सदस्य और जिला पंचायत प्रतिनिधि शामिल थे, ने विधायक आवास पर आकर अपनी सामूहिक मांग रखी थी। जनप्रतिनिधियों का आग्रह था कि यदि तकनीकी कारणों से चुनाव संभव न हों, तो उनका कार्यकाल बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री को 1 मई को सौंपा था विशेष मांग पत्र
विधायक रमेश जायसवाल ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों की इस मांग को बेहद गंभीरता से लिया था। उन्होंने 1 मई को लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें एक औपचारिक मांग पत्र सौंपा था। इस पत्र के माध्यम से विधायक ने अनुरोध किया था कि जब तक अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए संचित आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो जाती और उसके आधार पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक व्यवस्था और ग्रामीण विकास के पहिये को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए इन प्रतिनिधियों को कार्यभार सौंप दिया जाना चाहिए।

ऐतिहासिक फैसले पर मुख्यमंत्री का जताया हृदय से आभार
शासन द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को 'प्रशासक' नियुक्त किए जाने के बाद, मुगलसराय विधायक ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की तस्वीरें और अपने पत्र की कॉपी साझा करते हुए खुशी जाहिर की है। उन्होंने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया है। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनहित और स्थानीय जनसुविधाओं की निरंतर प्रतिपूर्ति के लिए जनप्रतिनिधियों की इस बड़ी मांग को स्वीकार किया है, जिससे अब गांवों के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होगा।

अगले 6 महीने तक सुचारू रूप से चलेंगे विकास कार्य
विधायक की इस सक्रियता और पैरवी से ऐसा स्पष्ट संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात को प्राथमिकता देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ी राहत दी है। सरकार के इस निर्देश के बाद अब अगले 6 महीने तक पंचायतों का कामकाज बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलता रहेगा। इस फैसले के बाद से न केवल ग्राम प्रधानों बल्कि ग्रामीण स्तर के अन्य जनप्रतिनिधियों में भी भारी उत्साह है। क्षेत्र की जनता का भी मानना है कि इस प्रशासनिक व्यवस्था से गांवों के बुनियादी और आवश्यक विकास कार्य प्रभावित होने से बच गए हैं।