मुगलसराय में 'समता सम्मेलन': डॉ. पल्लवी पटेल बोलीं-2027 में अपना दल कमेरावादी के बिना नहीं बनेगी यूपी में सरकार

 

मुगलसराय के गोरईया मन्नापुर में अपना दल कमेरावादी का विशाल 'समता सम्मेलन' संपन्न हुआ। विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने 2027 के सत्ता समीकरणों पर हुंकार भरते हुए सामाजिक न्याय और जातिवार जनगणना को पार्टी की मुख्य प्राथमिकता बताया।

 
 

डॉ. पल्लवी पटेल का मुगलसराय दौरा

समता सम्मेलन में सामाजिक न्याय का आह्वान

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करने की मांग

2027 चुनाव और सत्ता की चाबी का दावा

एससी-एसटी और ओबीसी की जातिवार जनगणना पर जोर

चन्दौली जिले में अपना दल कमेरावादी के तत्वावधान में मंगलवार को मुगलसराय विधानसभा के गोरईया मन्नापुर में 'विशाल समता सम्मेलन' का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता और सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए स्पष्ट किया कि भविष्य की राजनीति पिछड़ों, दलितों और वंचितों के हक पर टिकी होगी।

2027 के सत्ता समीकरणों पर डॉ. पल्लवी पटेल का बड़ा दावा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. पल्लवी पटेल ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा, "वंचितों और पिछड़ों के लिए हमारा संघर्ष जारी है। आगामी 2027 में उत्तर प्रदेश की अगली सरकार अपना दल कमेरावादी के सहयोग के बिना नहीं बनेगी।" उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें, क्योंकि पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। पल्लवी पटेल ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी सरकार के गठन में 'किंगमेकर' की भूमिका अदा करेगी।

शिक्षा संस्थानों में भेदभाव और यूजीसी रेगुलेशन 2026
डॉ. पल्लवी पटेल ने उच्च शिक्षण संस्थानों में पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे भेदभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार भेदभाव की घटनाओं में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने मांग की कि 'यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026' को तत्काल और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। पल्लवी पटेल के अनुसार, यह कानून संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के उत्पीड़न को रोकने के लिए एक अनिवार्य तंत्र प्रदान करता है, जिसे कुछ वर्चस्ववादी ताकतें कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाकर रोकना चाहती हैं।

जातिवार जनगणना: सामाजिक न्याय की पहली सीढ़ी
सम्मेलन के दौरान पारित किए गए प्रस्तावों में जातिवार जनगणना की मांग सबसे ऊपर रही। डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए ठोस नीतियां तभी बनाई जा सकती हैं जब एससी, एसटी और विशेष रूप से ओबीसी की संख्या का सटीक आंकड़ा सामने हो। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद जनगणना की घोषणा तो हुई, लेकिन सरकार की मंशा साफ नहीं दिख रही है। उन्होंने जनता से संविधान की रक्षा और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने की अपील की।

सम्मेलन में प्रमुख लोगों की उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता उमेश चंद्र मौर्य ने की और सफल संचालन बलराम यादव द्वारा किया गया। सम्मेलन के अंत में जिलाध्यक्ष गुरुपुरन पटेल ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव, किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष राजेश प्रधान, संदीप पटेल, रमेश पटेल समेत भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।