पंचायत चुनाव में छोटे दलों का बड़ा दांव: चंदौली में एक मंच पर आए एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक संगठन
चंदौली में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर छोटे दलों और सामाजिक संगठनों की अहम बैठक हुई। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज ने आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने और अपनी राजनीतिक भागीदारी मजबूत करने का आह्वान किया।
चंदौली में पंचायत चुनाव पर मंथन
भविष्य शक्ति एकता मिशन की बैठक
वंचित वर्गों की एकजुटता पर जोर
बाबा साहब के संविधान पर चर्चा
साझा मंच से अधिकार मांगने का संकल्प
चंदौली जिले में आने वाले पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। भविष्य शक्ति एकता मिशन चंदौली के तत्वावधान में शहर के एक निजी लॉन में विभिन्न छोटे राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, जिलाध्यक्षों और समाजशास्त्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज की जमीनी हिस्सेदारी, सामाजिक एकता और उनके अधिकारों को सुरक्षित करने पर गंभीर चर्चा की गई।
नदियों के उदाहरण से दिया एकजुटता का संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बहुत ही सरल भाषा में संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह छोटी-छोटी नदियाँ मिलकर एक विशाल समुद्र का रूप ले लेती हैं, ठीक उसी तरह समाज के सभी वर्गों को मिलकर अपनी सामूहिक शक्ति बढ़ानी होगी। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि अगर पंचायत चुनाव में अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज करानी है, तो सभी को आपसी मतभेद भुलाकर एक ही मंच पर आना ही होगा।
गांव की सरकार में हर वर्ग की जरूरत
कार्यक्रम में बोलते हुए वक्ताओं ने याद दिलाया कि आजादी के करीब 80 साल पूरे होने के बावजूद आज भी समाज का एक बड़ा तबका समान अधिकार, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। पंचायत चुनाव लोकतंत्र का सबसे पहला और मजबूत आधार होता है। इसलिए गांव की सरकार में सभी वर्गों की समान हिस्सेदारी होना बेहद जरूरी है। इसके लिए अब गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
संविधान के रास्ते से मिलेगी पहचान और हक
बैठक में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। नेताओं ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का दर्जा देता है। जरूरत इस बात की है कि समाज संगठित रहे, क्योंकि लोकतंत्र में संख्याबल के साथ-साथ संगठित ताकत की सबसे बड़ी कीमत होती है। जब समाज एक जुट होगा, तो उसकी बात पंचायत भवन से लेकर शासन के ऊंचे गलियारों तक सुनी जाएगी।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे सामाजिक कार्यकर्ता
इस मौके पर सलामा बेगम, बब्बन सिंह चौहान, जगरोपण राजभर, अरुण कुमार मौर्य, त्रिलोकी नाथ, उमेश भारती, स्वर्गीय बाबूलाल लोहार के प्रतिनिधि, गिरधारी लाल मौर्य, भोला नाथ विश्वकर्मा, सलमा चौधरी, कन्हैया सिंह कुशवाहा, डॉ. कमलाकांत कुमार, बिंदु मौर्या, प्रद्युम्न मौर्य, संजय मौर्य, गणेश प्रसाद और सुनील मौर्य समेत कई राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामाजिक भाईचारे और मिलकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।