मुगलसराय की पहचान है काली माता मंदिर, पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने शहर से दूर हटाने पर जताई नाराजगी

 

पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने मुगलसराय के प्राचीन काली मंदिर को शहर से दूर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकार पर विकास की अनदेखी और कानून व्यवस्था को लेकर तीखे हमले किए।

 
 

प्राचीन काली मंदिर की आस्था का सम्मान

शहर चौड़ीकरण और जर्जर लिंक मार्ग

अपराधियों की जाति देखकर होती कार्रवाई

किसानों और बेरोजगार युवाओं की समस्या।

शौचालय के पास मंदिर स्थापना का विरोध

चंदौली जिले के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने शहर की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान 'मां काली मंदिर' को लेकर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नगर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि मां काली मंदिर मुगलसराय की आत्मा और पहचान है, जिसे शहर से दूर स्थापित करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि सुनने में आ रहा है कि मंदिर को शहर से दूर एक शौचालय के पास स्थापित किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सुझाव दिया कि पास में ही कुएं की जगत पर पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, जहां व्यापारियों से सामंजस्य बनाकर मंदिर को सम्मानपूर्वक स्थापित किया जा सकता है।

विकास के दावों और जर्जर सड़कों की पोल खोली
पूर्व सांसद ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के ज्ञान और विजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि चौड़ीकरण के नाम पर शहर की सीमाएं सिकुड़ती जा रही हैं, लेकिन वास्तविक विकास कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने भाजपा की 'डबल इंजन' सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि पीडीडीयू नगर के सभी प्रमुख लिंक मार्ग आज गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। उन्होंने सहजौर मार्ग, पटपरा मार्ग, महमूदपुर से हिनौली, और जायसवाल स्कूल से कैथापुर मार्ग जैसी सड़कों की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि इन रास्तों पर चलना अब जान जोखिम में डालने जैसा है।

बेरोजगारी, किसान और कानून व्यवस्था पर प्रहार
प्रेस वार्ता के दौरान रामकिशुन यादव ने सरकार की नीतियों पर तीखे तंज कसे। उन्होंने कहा कि आज का युवा बेरोजगारी की मार झेल रहा है, किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं और मजदूरों के पास रोजगार नहीं है। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में अपराधियों की जाति देखकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चोरी, हत्या और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस मौन धारण किए हुए है। इससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है और लोगों में असुरक्षा की भावना व्याप्त है।