पढ़ाई करने गए थे दिल्ली..अब आंदोलन करने लगे हैं बाकरपुर गांव के रोशन यादव, पुलिस पर लगाया बर्बरता करने का आरोप
दिल्ली छात्र आंदोलन में पुलिसिया बर्बरता का आरोप
चंदौली के बाकरपुर गांव के निवासी हैं रोशन
नेट-जेआरएफ की तैयारी संग छात्र आंदोलन में सक्रिय
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और रोजगार की मांग
युवाओं के हक के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
दिल्ली में आयोजित छात्र-युवा आंदोलन के दौरान चंदौली जिले के रहने वाले रोशन यादव ने दिल्ली पुलिस पर कथित बर्बरता का आरोप लगाया है। रोशन यादव मूल रूप से चंदौली जिले के बाकरपुर गांव (पोस्ट नई बाजार, थाना सैयदराजा) के निवासी हैं। वह फिलहाल दिल्ली के लक्ष्मीनगर इलाके में रहकर नेट-जेआरएफ (NET-JRF) की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सक्रिय वॉलंटियर के तौर पर छात्र-छात्राओं और युवाओं के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
गांव से लेकर दिल्ली तक का पढ़ाई का सफर
रोशन यादव पुत्र घनश्याम यादव की शुरुआती पढ़ाई काफी अनुशासित माहौल में हुई है। उन्होंने वाराणसी के प्रसिद्ध उदय प्रताप इंटर कॉलेज से कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सकलडीहा पीजी कॉलेज से स्नातक और परास्नातक (ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री हासिल की। उन्होंने बीएड करने के साथ-साथ टीईटी और सीटीईटी जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षाएं भी पास की हैं। देश सेवा का जज्बा होने के कारण उन्होंने एयरफोर्स और नेवी जैसी कई रक्षा प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपना भाग्य आजमाया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ उठाई आवाज
रोशन यादव का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली कथित अनियमितताओं, धांधली और बार-बार पेपर लीक होने जैसी घटनाओं ने उन्हें बेहद आहत किया। इन्हीं समस्याओं से तंग आकर उन्होंने छात्र आंदोलन का रास्ता चुना। वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन में भी प्रमुखता से शामिल रहे हैं। उनका मानना है कि सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले हर युवा को निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था पाने का पूरा हक है।
10 अक्टूबर की घटना पर जताया कड़ा ऐतराज
आंदोलन के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हुए रोशन यादव ने बताया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और बर्बरता की। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना बिल्कुल गलत है। सरकार को युवाओं के दर्द और उनकी लंबे समय की मेहनत को समझना चाहिए।
युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए जारी रहेगा संघर्ष
रोशन यादव ने स्पष्ट किया है कि उनका यह संघर्ष किसी निजी फायदे या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं है। यह लड़ाई उन लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए है, जो रात-दिन एक करके सालों तक सरकारी नौकरी का सपना देखते हैं। उन्होंने साफ कहा कि पुलिसिया कार्रवाई या किसी भी दबाव के आगे वे झुकने वाले नहीं हैं। शिक्षा, रोजगार और युवाओं के सम्मान व हक के लिए उनकी आवाज इसी तरह बुलंद होती रहेगी और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।