शहाबगंज में 'पिंक' पॉवर का जलवा: महिला थाना प्रभारी प्रियंका सिंह की अगुवाई में शांतिपूर्ण संपन्न हुई अंबेडकर जयंती
शहाबगंज थाना क्षेत्र में अंबेडकर जयंती के जुलूस और शोभायात्राएं सुरक्षा के कड़े पहरे में संपन्न हुईं। महिला थाना प्रभारी प्रियंका सिंह की मुस्तैदी और प्रभावी रणनीति के कारण ठेकहां से लेकर सवैया तक सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए गए।
महिला थाना प्रभारी ने संभाली सुरक्षा कमान
संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहा भारी पुलिस बल
चप्पे-चप्पे पर निगरानी से टलीं अव्यवस्थाएं
दर्जनों गाँवों में अनुशासन के साथ निकली शोभायात्रा
पुलिस की सक्रियता की ग्रामीणों ने की सराहना
चंदौली जनपद के शहाबगंज थाना क्षेत्र में इस वर्ष अंबेडकर जयंती का उत्सव न केवल उत्साह बल्कि अद्वितीय अनुशासन और सुरक्षा के बीच मनाया गया। महिला थाना प्रभारी प्रियंका सिंह की कुशल अगुवाई में पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक सतर्कता का ऐसा जाल बुना गया कि कहीं भी अव्यवस्था की गुंजाइश नहीं रही। ठेकहां, बड़गांवा, अतायस्तगंज, तियरा, किडिहिरा, और सवैया समेत क्षेत्र के दर्जनों गाँवों में निकाली गई शोभायात्राएं पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुईं।
संवेदनशील इलाकों में खुद तैनात रहीं थाना प्रभारी
पूरे आयोजन के दौरान पुलिस की प्रभावी रणनीति धरातल पर दिखाई दी। महिला थाना प्रभारी प्रियंका सिंह ने स्वयं कमान संभालते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की। वे लगातार क्षेत्र में चक्रमण (पेट्रोलिंग) करती रहीं, जिससे शरारती तत्वों में भय और आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहा। जहाँ एक ओर "जय भीम" के नारों से पूरा वातावरण गूंज रहा था, वहीं दूसरी ओर पुलिस की पैनी नजर हर गतिविधि पर बनी रही।
अनुशासन और सौहार्द का संगम
पुलिस की मुस्तैदी का ही परिणाम था कि रसिया, जेगुरी, हडौरा और महडौ़र जैसे क्षेत्रों में भी विशाल जुलूस बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुए। थाना प्रभारी प्रियंका सिंह ने बताया कि हमारी प्राथमिकता एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल प्रदान करना था। इसके लिए क्षेत्रवार पुलिस टीमों का गठन किया गया था और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। उन्होंने सफल आयोजन के लिए जनता के सहयोग का भी आभार व्यक्त किया।
जनता ने की पुलिसिया मुस्तैदी की तारीफ
स्थानीय ग्रामीणों और आयोजन समितियों ने पुलिस की इस सक्रियता की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि प्रियंका सिंह जैसी निडर और सजग अधिकारी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने न केवल शांति सुनिश्चित की, बल्कि यह भी साबित किया कि यदि रणनीति सटीक हो, तो बड़े आयोजनों को बिना किसी तनाव के सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से अपने गंतव्य पर समाप्त हुए।