कंधे पर गैस सिलेंडर रख डीएम दफ्तर पहुंचे मनोज सिंह काका, बोले- भाजपा के लोग ही कर रहे गैस की कालाबाजारी
चंदौली में रसोई गैस की किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। कंधे पर सिलेंडर लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे सपाइयों ने सरकार और प्रशासन को जमकर घेरा। जानिए क्या हैं उनकी मुख्य मांगें।
कंधे पर गैस सिलेंडर लेकर सपा का मार्च
बीजेपी नेताओं पर गैस की कालाबाजारी का आरोप
डीएम कार्यालय पर सपाइयों का जोरदार प्रदर्शन
गैस संकट को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम
चंदौली जिले में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत और कथित कालाबाजारी ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। इसी ज्वलंत मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने आज आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया। सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया और अपने कंधे व सिर पर रसोई गैस के खाली सिलेंडर रखकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस दृश्य को देखकर राहगीर और स्थानीय लोग भी दंग रह गए। पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में 'प्रशासन होश में आओ' और 'कालाबाजारी बंद करो' के नारों की गूंज सुनाई दी।
मनोज सिंह काका का तीखा हमला: 'भाजपा कर रही कालाबाजारी'
प्रदर्शन के दौरान सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिले में गैस सिलेंडरों की कृत्रिम कमी पैदा की गई है। काका ने सीधा आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के संरक्षण में ही गैस की कालाबाजारी फल-फूल रही है। उन्होंने कहा, "एक तरफ सरकार उज्ज्वला योजना का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ गरीब आदमी को सिलेंडर के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार आम जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
विधायक प्रभु नारायण यादव के नेतृत्व में एकजुट हुए सपाई
इस बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सपा विधायक प्रभु नारायण यादव ने किया। उनके साथ पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू और पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे। विधायक प्रभु नारायण यादव ने कहा कि जिले में गैस एजेंसियों की मनमानी बढ़ गई है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। वहीं, पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने तंज कसते हुए कहा कि अगर जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था सुधारी नहीं गई और कालाबाजारी पर लगाम नहीं लगी, तो समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर चक्का जाम करने को मजबूर होगा।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में सपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी (डीएम) से मिला और उन्हें अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें की गई हैं:--
जिले में गैस सिलेंडरों की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कालाबाजारी में लिप्त गैस एजेंसियों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
आम उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
सपा नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध केवल एक सांकेतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है। यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप लेगा। इस प्रदर्शन ने चंदौली की स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।