चंदौली में सपा का बड़ा एलान: 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 19 जून को बिछियां में महाधरना
चंदौली में जनहित के 6 बड़े मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। आगामी 19 जून को बिछियां धरनास्थल पर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन होगा।
सपा का छह मुद्दों पर आंदोलन
19 जून को बिछियां में धरना
बढ़े बिजली बिल पर घेराव
गंगा कटान का मुद्दा प्रमुख
पूर्व विधायक ने दी सूचना
चंदौली जिले में जनहित से जुड़े छह प्रमुख और संवेदनशील मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपना रुख बेहद आक्रामक कर लिया है। कलेक्ट्रेट के सामने अपनी मांगों को बुलंद करने के लिए सपा आगामी 19 जून को बिछियां धरनास्थल पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित करने जा रही है। इस आंदोलन के जरिए जनता की दबी हुई आवाजों और उनकी रोजमर्रा की दिक्कतों को प्रशासन के सामने जोरदार ढंग से रखा जाएगा। इस संबंध में सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने जिला प्रशासन को आंदोलन की औपचारिक सूचना लिखित रूप में सौंप दी है।
बिजली बिल पर सरकार को घेरने की तैयारी
पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने मीडिया को बताया कि प्रदेश और जिले की आम जनता इस समय कई गंभीर संकटों से जूझ रही है, लेकिन सरकार और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह से मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने साफ किया कि इस महाधरने के दौरान बिजली के नए स्मार्ट मीटरों की स्थापना और उसके बाद आ रहे मनमाने बढ़े हुए बिजली बिलों का मुद्दा सबसे प्रमुखता से उठाया जाएगा। सपा का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ा है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
गंगा कटान पर मचेगा रार
बिजली के अलावा, इस आंदोलन में गंगा नदी के कटान से प्रभावित इलाकों की दुर्दशा का मुद्दा भी गूंजेगा। कटान के कारण हर साल किसानों की उपजाऊ भूमि और ग्रामीणों के घर नदी में समा रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर कोई स्थाई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही, फसलों की सही लागत न मिलने, सिंचाई के संकट और नहरों में समय से पानी न छोड़े जाने जैसी किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भी सरकार की घेराबंदी की जाएगी।
शोषण के खिलाफ बुलंद होगी आवाज
सपा नेता ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के कथित शोषण और उनकी जायज मांगों को भी इस धरने के मंच से उठाया जाएगा। सपा नेताओं का दावा है कि यह पूरा आंदोलन शुद्ध रूप से जनता के अधिकारों की लड़ाई है। 19 जून को होने वाले इस प्रदर्शन में भारी संख्या में ग्रामीण और किसान जुटेंगे, ताकि सोए हुए प्रशासन को जगाया जा सके।