ब्राह्मण समुदाय के अपमान पर मनोज सिंह काका का योगी सरकार से सवाल, पूछा- 'दोषियों पर कब होगी कार्रवाई?'

सपा प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने पुलिस भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द को 'अवसरवादी' बताए जाने पर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे विद्वान समुदाय का अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

पुलिस भर्ती परीक्षा के विवादित सवाल पर हंगामा


'पंडित' शब्द की अपमानजनक परिभाषा पर आपत्ति


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मानसिकता पर सवाल


समाजवादी पार्टी का ब्राह्मण समाज को समर्थन


उपमुख्यमंत्री को 'चुप और चापलूस' बताने वाला बयान

उत्तर प्रदेश में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा के एक सवाल को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और युवा नेता मनोज सिंह काका ने इस मामले में योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में 'पंडित' शब्द की परिभाषा को अत्यंत अपमानजनक तरीके से पेश किया गया है। मनोज सिंह काका के अनुसार, पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा यह बताया गया कि अवसर के अनुसार बदल जाने वाले व्यक्ति को 'पंडित' कहा जाता है। उन्होंने इसे हिंदी भाषा का अकाल और विद्वान समुदाय का सीधा अपमान करार दिया है।

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साथ ही साथ सपा प्रवक्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और उनकी कार्यप्रणाली पर हमला मनोज सिंह काका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर 'श्रेष्ठता बोध' और जातिवादी मानसिकता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत जैसे विद्वान रहे हों, वहाँ इस तरह की भाषा का प्रयोग निंदनीय है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर वह कौन व्यक्ति है जिसने पुलिस भर्ती बोर्ड में इस तरह का कृत्य किया और क्या सरकार ने उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की है?  उन्होंने मुख्यमंत्री के आसपास के लोगों को 'स्वजातीय गुंडों का गिरोह' बताते हुए कहा कि वे सबको अधर्मी और मतलबी साबित करने में जुटे हैं।

उपमुख्यमंत्री की भूमिका पर तंज 
इस पूरे प्रकरण में उपमुख्यमंत्री द्वारा जांच की बात कहे जाने पर मनोज सिंह काका ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को 'चुप' और 'चापलूस' मंत्री की संज्ञा देते हुए कहा कि ऐसे लोग किसी सच के साथ खड़े नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ये मंत्री केवल चापलूसी में व्यस्त हैं और सामाजिक सरोकारों या सच्चाई से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

ब्राह्मण समाज से अपील और समर्थन 
समाजवादी पार्टी की ओर से इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए मनोज सिंह काका ने ब्राह्मण समाज को भरोसा दिलाया कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने समुदाय से अपील की कि वे हमेशा की तरह मानवता, इंसानियत और संविधान के पक्ष में खड़े रहें और किसी भी तरह की अभद्र भाषा या हिंसा का सहारा न लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस समुदाय ने हमेशा समाज को आगे बढ़ाने का विचार दिया हो, उसे बदनाम करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है