केवल विधायक नहीं इन नेताओं के साथ रहा करता था जुआ कांड वाला देवता, कई फोटो हो रही है वायरल 

मुगलसराय के सेमरा गांव में जुए के अड्डे पर छापेमारी ने राजनीतिक गलियारों में तूफान ला दिया है। मुख्य आरोपी देवता यादव की भाजपा विधायक के साथ वायरल तस्वीरों ने विपक्ष को हमलावर कर दिया है, जिससे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

 

मुगलसराय जुआ सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश

भाजपा विधायक के साथ आरोपी की तस्वीरें वायरल

सपा विधायक प्रभु नारायण का तीखा हमला

सत्ता संरक्षण में अवैध धंधे का आरोप

विधायक रमेश जायसवाल ने दी सफाई

चंदौली जनपद के मुगलसराय क्षेत्र अंतर्गत सेमरा गांव में अवैध जुए के बड़े सिंडिकेट का खुलासा होने के बाद अब यह मामला अपराध की फाइलों से निकलकर राजनीति के अखाड़े में पहुंच गया है। जुआ संचालक देवता यादव की गिरफ्तारी और उसके रसूखदार नेताओं के साथ संबंधों की चर्चा ने जिले की सियासत को गरमा दिया है।

वायरल तस्वीरों ने बढ़ाई विधायक की मुश्किलें
जैसे ही पुलिस ने जुए के इस अड्डे पर शिकंजा कसा, सोशल मीडिया पर आरोपी देवता यादव की कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। इन तस्वीरों में आरोपी मुगलसराय के भाजपा विधायक रमेश जायसवाल के साथ खड़ा नजर आ रहा है। चर्चा है कि देवता यादव अपने इस 'खास हुनर' और राजनेताओं से नजदीकियों के दम पर लंबे समय से इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सपा विधायक का सत्ता पर सीधा प्रहार
इस मुद्दे को लपकते हुए समाजवादी पार्टी के सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेमरा गांव में चल रहा यह जुआ सिंडिकेट पूरी तरह सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा था। सपा विधायक ने कहा, "भाजपा के जनप्रतिनिधियों की शह के बिना इतना बड़ा अवैध धंधा संभव नहीं है। प्रशासन भी सत्ता के दबाव में मौन बना रहा, जिससे समाज में अपराध को बढ़ावा मिला।"

विधायक रमेश जायसवाल की सफाई और पलटवार
इन गंभीर आरोपों के बीच भाजपा विधायक रमेश जायसवाल ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे विधायक ने फोन पर बताया कि एक सार्वजनिक जीवन जीने वाला जनप्रतिनिधि रोजाना सैकड़ों लोगों से मिलता है। उन्होंने कहा, "कोई भी व्यक्ति मेरे साथ फोटो खिंचवा सकता है, इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि मैं उसकी अवैध गतिविधियों में शामिल हूँ। कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी होगा, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।"

क्या तस्वीर कभी झूठ बोलती है?
स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर व्यंग्य और चर्चाओं का दौर जारी है। लोग कह रहे हैं— "कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना।" लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये तस्वीरें महज एक इत्तेफाक हैं या फिर सत्ता की छाया में चल रहे अपराध की गवाह? फिलहाल, सबकी नजरें अब प्रशासनिक जांच और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।