चंदौली के इस स्कूल में नशे में झूमते आते हैं मास्टर साहब, शराबी शिक्षक की करतूत पहुंची DM के पास
चंदौली के महाराजनी बाकरपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने और बच्चों से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। भारतीय अवस्थी किसान संगठन ने डीएम से मामले की जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप
बच्चों के साथ मारपीट का मामला
डीएम को किसान संगठन का ज्ञापन
अध्यापक की 10-15 दिन अनुपस्थिति
सकलडीहा बीईओ को जांच के निर्देश
चंदौली जिले में प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक का शर्मनाक आचरण सामने आया है। बरहनी विकास खंड के महाराजनी बाकरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने और बच्चों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। भारतीय अवस्थी किसान संगठन ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात कर इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है।
शिक्षक की कार्यशैली पर उठे सवाल
संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि उक्त शिक्षक विद्यालय परिसर में शराब के नशे में आता है, जिससे शैक्षणिक माहौल पूरी तरह दूषित हो गया है। संगठन का यह भी आरोप है कि शिक्षक न केवल स्कूल परिसर में अनुचित गतिविधियां करता है, बल्कि अक्सर 10 से 15 दिनों तक विद्यालय से गायब भी रहता है। हैरत की बात यह है कि अनुपस्थित रहने के बावजूद वह अपनी उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज कर लेता है, जो कि गंभीर अनियमितता है। शिक्षक द्वारा विद्यालय में पार्टियां करने और शिकायत करने पर अभिभावकों से विवाद करने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि शिक्षक के इस व्यवहार का बच्चों के कोमल मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और अभिभावकों में भय का माहौल है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर शिक्षक के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने इसे तत्काल संज्ञान में लिया है और जांच के लिए सकलडीहा बीईओ को नामित किया है। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बीईओ को पूरी जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। फिलहाल, इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और अभिभावक विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।