सरकारी खजाने से विकास कार्यों के लिए बरसे पैसे: वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन चंदौली में 44 करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन पर चंदौली के सरकारी विभागों में बजट खपाने की होड़ मची रही। सार्वजनिक अवकाश के बावजूद दफ्तर खुले रहे और मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से महज 48 घंटों में 82 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।

 
 

दो दिनों में 82 करोड़ का भुगतान

अंतिम दिन 44 करोड़ बजट खर्च

छुट्टी के दिन भी खुले रहे दफ्तर

मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में मची होड़

विकास कार्यों के मद में भारी निकासी

चंदौली जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन जिले के सरकारी महकमों में बजट खर्च करने की जबरदस्त होड़ देखने को मिली। मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद कलेक्ट्रेट स्थित मुख्य कोषाधिकारी (CTO) कार्यालय समेत तमाम विभागीय दफ्तर खुले रहे। शासन से प्राप्त विकास मद की धनराशि को लैप्स होने से बचाने के लिए अधिकारी और कर्मचारी देर शाम तक कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटे रहे।

दो दिनों में 82 करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष के आखिरी दो दिनों में जिले में विकास कार्यों के लिए कुल 82 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। मंगलवार शाम सात बजे तक विभिन्न विभागों द्वारा 44 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि निकाली गई। वहीं, इससे एक दिन पहले सोमवार को भी विभागों ने 38 करोड़ 29 लाख 25 हजार 78 रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया था।

इन प्रमुख विभागों ने किया सबसे ज्यादा खर्च
मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में मंगलवार को फाइलों का अंबार लगा रहा। बजट खर्च करने वालों में लोक निर्माण विभाग (PWD), कलेक्ट्रेट, नलकूप खंड, स्वास्थ्य विभाग, कृषि, उद्यान और बेसिक शिक्षा विभाग प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन विभागों के अधिकारी यह सुनिश्चित करने में लगे थे कि शासन से मिली विकास निधि का उपयोग समय सीमा के भीतर हो जाए।

मुख्य कोषाधिकारी की सक्रियता और देर रात तक काम
मुख्य कोषाधिकारी आलोक चंद्र खुद कार्यालय में बैठकर फाइलों के निस्तारण और हस्ताक्षरों की प्रक्रिया की निगरानी करते नजर आए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष के समापन पर काम का दबाव काफी बढ़ जाता है। कर्मचारियों ने देर शाम तक लगन से काम किया ताकि जिले के विकास कार्यों में फंड की कोई कमी न रहे। छुट्टी के दिन कार्यालय खुले रहने से उन परियोजनाओं को गति मिली है जिनके भुगतान तकनीकी कारणों से लंबित थे। अब नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही नए बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।