सकलडीहा में अंबेडकर प्रतिमा का स्थान बदले जाने को लेकर समर्थकों में आक्रोश

बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के मूर्ति को हटाया जाना निंदनीय है। वहीं, प्रशासन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि तिराहे पर यातायात व्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से लेन निर्माण किया जा रहा है।
 

सकलडीहा तिराहे पर प्रतिमा स्थानांतरण को लेकर विवाद

अंबेडकर समर्थक सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए

प्रशासन पर मूर्ति हटाने का आरोप लगाया गया

चंदौली जनपद के सकलडीहा थाना के कस्बे में स्थित तिराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को बदले जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों की संख्या में अंबेडकर समर्थक मौके पर इकट्ठा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

समर्थकों का आरोप है कि स्थानीय लोगों की मिलीभगत से बाबा साहब की मूर्ति को जानबूझकर हटाया गया है, जो कि दलित समाज की भावनाओं से खिलवाड़ है। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के मूर्ति को हटाया जाना निंदनीय है। वहीं, प्रशासन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि तिराहे पर यातायात व्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से लेन निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में पुरानी प्रतिमा को सुरक्षित हटाकर उसकी जगह नई प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रशासन का दावा है कि पुरानी मूर्ति को सुरक्षित रखा गया है और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनदेखी नहीं की गई है।

मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रमेश राम सहित कई प्रमुख समाजिक कार्यकर्ता और अंबेडकर समर्थक मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। उनकी मांग है कि डॉ. अंबेडकर की पहले से बड़ी और भव्य संगमरमर की प्रतिमा पुनः उसी स्थान पर स्थापित की जाए। अंबेडकर जी की प्रतिमा को अभिलेख में दर्ज किया जाय,बाबा साहब की प्रतिमा बीच चौराहे पर गोलंबर बना कर रखा जाए।

प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगा रहे हैं और आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दे रहे हैं। फिलहाल प्रशासन दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रहा है ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।