रामगढ़ बाबा कीनाराम मठ में गुरु पूर्णिमा की तैयारियां तेज: 29 जुलाई को होगा भव्य महोत्सव, चला विशेष सफाई अभियान
रामगढ़ स्थित अघोराचार्य बाबा कीनाराम मठ में 29 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
बाबा कीनाराम मठ में विशेष सफाई अभियान चला
29 जुलाई को आयोजित होगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव
सुबह हवन-पूजन, सुंदरकांड पाठ और प्रसाद वितरण
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात होगा पुलिस बल
हजारों की संख्या में जुटेंगे बाबा के अनुयायी
चंदौली जिले के चहनियां विकास क्षेत्र के रामगढ़ स्थित विश्व प्रसिद्ध अघोराचार्य बाबा कीनाराम मठ परिसर में आगामी गुरु पूर्णिमा पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। सोमवार को मठ परिसर और उसके आसपास के इलाकों में एक विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया। यह अभियान खंड विकास अधिकारी (BDO) जावेद अख्तर के निर्देश पर एडीओ पंचायत राजेश सिंह और ग्राम पंचायत अधिकारी आनंद यादव की देखरेख में पूरा किया गया।
29 जुलाई को उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
रोस्टर के अनुसार तैनात सफाई कर्मचारियों ने मठ परिसर को चमकाने के लिए मुस्तैदी से काम किया। गौरतलब है कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा कीनाराम मठ में स्थानीय क्षेत्र के अलावा आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु और बाबा के अनुयायी दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष भी 29 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव में विभिन्न भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुबह हवन-पूजन से होगी कार्यक्रमों की शुरुआत
मठ के व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल बाबा कीनाराम जी का विशेष हवन-पूजन किया जाएगा। इसके बाद सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा रामचरितमानस का पाठ और हरिकीर्तन का आयोजन होगा। पूरे दिन आने वाले श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहेगा।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट
वहीं, श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए बलुआ थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिसर और आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि दर्शन के लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी या असुविधा न उठानी पड़े।