धूमधाम से मनायी गयी बाबा कीनाराम की छट्ठी, भक्तों ने लिया प्रसाद
 

पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के निर्देश पर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
 

बाबा कीनाराम जी की छठ्ठी रामगढ़ मठ में

भक्तों ने मिलकर धूमधाम से मनायी छट्ठी

हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद 

चंदौली के चहनिया विकास खंड स्थित बाबा कीनाराम जी के रामगढ़ मठ में शुक्रवार को बाबा कीनाराम जी की छठ्ठी का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस समारोह में हजारों भक्तों ने भाग लिया, जिन्होंने बाबा के आदर्शों का स्मरण किया और उनकी समाधि पर पूजा-अर्चना की।

पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह-सुबह बाबा कीनाराम जी की आरती के साथ हुई, जिसमें शंख, घंटा और नगाड़ों की मंगल ध्वनि गूंज उठी। इसके बाद, हवन-पूजन, अखंड धूनी और बाबा कीनाराम जी की समाधि का अभिषेक किया गया। पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी के निर्देश पर भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।

बाबा के आदर्शों का हुआ स्मरण
इस अवसर पर धनंजय सिंह ने बाबा कीनाराम के जीवन और दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा कीनाराम सामाजिक समरसता के प्रतीक थे और उन्होंने छुआछूत, ऊंच-नीच और जमींदारी प्रथा का कड़ा विरोध किया। उन्होंने समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया और एक नई दिशा दी। सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम ने समाज की कुरीतियों जैसे बाल विवाह और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई और एक स्वच्छ समाज का निर्माण किया। उन्होंने अघोरेश्वर बाबा कीनाराम को भगवान शिव का अवतार बताया, जिन्होंने अत्याचारी शासकों के विरुद्ध आवाज उठाकर समाज को एक नई शक्ति दी।

इस समारोह में समित सिंह, सुधींद्र पांडेय, प्रभुनाथ पांडेय, दिनेश सोनकर सहित कई अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।