तस्कर कांड करके हुए रफूचक्कर, ग्रामीणों ने पुलिस और पशु तस्करों के बीच साठगांठ का लगाया बड़ा आरोप
चंदौली के सकलडीहा में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां पशु तस्करों की गाड़ी पलटने के बाद भी वे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। जानिए कैसे 112 नंबर और पिकेट टीम की चौकसी फेल साबित हुई।
सकलडीहा के बढ़वालडीह गांव के पास पलटी तस्करों की गाड़ी
घायल गाय और भूसे की बोरियां छोड़कर भागे पशु तस्कर
पलटी हुई गाड़ी सीधी करके तस्कर हुए आसानी से फरार
यूपी 112 और गश्ती दल की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल
अपर पुलिस अधीक्षक ने मामले की निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन
चंदौली जिले के पशु तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे पुलिस प्रशासन को ठेंगा दिखाकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के भोजापुर से सकलडीहा स्टेशन जाने वाली सड़क पर बढ़वालडीह गांव के समीप का है, जहां पशु तस्कर बड़ा कांड करके आसानी से निकल गए और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना के बाद यूपी 112, स्थानीय पुलिस पिकेट और रात्रिकालीन गश्ती दल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गाड़ी पलटने के बाद भी तस्करों ने दिखाया दुस्साहस
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बढ़वालडीह गांव के पास पशु तस्करों की एक गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर जख्मी गाय और छिपाने के लिए रखी गई भूसे की बोरियों के निशान साफ देखे गए। ग्रामीणों का आरोप है कि गाड़ी पलटने के बाद तस्करों ने सूझबूझ दिखाई और ऊपर लदे भूसे व घायल गाय को वहीं छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने पलटी हुई गाड़ी को सीधा किया और उसे लेकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
पुलिस की साठगांठ या लापरवाही?
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का सीधा आरोप है कि या तो पुलिस की तस्करों से मोटी साठगांठ है या फिर यह लापरवाही की पराकाष्ठा है।
इस संवेदनशील मामले पर जब पुलिस कप्तान का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनका मोबाइल पीआरओ के पास होने के कारण उनसे सीधे बातचीत नहीं हो सकी। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) ने संज्ञान लिया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।