चंदौली के लच्छू ब्रह्म बाबा मंदिर में जमीन के नीचे मिली दुर्लभ प्रतिमा, पुरातात्विक जांच की उठी मांग

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चंदौली के चहनियां में लच्छू ब्रह्म बाबा मंदिर परिसर की खुदाई के दौरान एक प्राचीन व दुर्लभ मूर्ति मिलने से सनसनी फैल गई है। शिव, पार्वती और गणेश जी की इस संयुक्त प्रतिमा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

 
 

चहनियां के लच्छू ब्रह्म बाबा मंदिर की घटना

निर्माण कार्य की खुदाई के दौरान मिली मूर्ति

शिव, पार्वती और गणेश जी की आकृतियां स्पष्ट

अद्भुत पारिवारिक स्वरूप देख लोग हुए हैरान

प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर होने की जताई आशंका

चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र से एक बेहद अद्भुत और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थित प्रसिद्ध लच्छू ब्रह्म बाबा मंदिर परिसर में इन दिनों कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। इसी निर्माण कार्य के लिए जब मजदूर जमीन की खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक मिट्टी के नीचे एक बेहद प्राचीन और दुर्लभ मूर्ति दिखाई दी। जमीन के गर्भ से प्राचीन मूर्ति के बाहर निकलते ही पूरे इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गई और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया।

चहनियां के लच्छू ब्रह्म बाबा मंदिर की घटना
निर्माण कार्य की खुदाई के दौरान मिली मूर्ति
शिव, पार्वती और गणेश जी की आकृतियां स्पष्ट
अद्भुत पारिवारिक स्वरूप देख लोग हुए हैरान
प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर होने की जताई आशंका pic.twitter.com/LOQVgVUZtl

— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 15, 2026


शिव, पार्वती और गणेश जी का दिखा दिव्य पारिवारिक स्वरूप
मजदूरों ने जब सावधानी से मिट्टी हटाकर प्रतिमा को पूरी तरह बाहर निकाला, तो उसकी बनावट देखकर हर कोई दंग रह गया। इस प्राचीन पत्थर की मूर्ति पर भगवान शिव, माता पार्वती और प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की आकृतियां बेहद स्पष्ट रूप से उकेरी गई हैं। इस दिव्य और दुर्लभ पारिवारिक स्वरूप को देखकर ग्रामीण इसे साक्षात भगवान का चमत्कार मान रहे हैं। मंदिर के पास रहने वाले लोग और दूर-दराज से आए श्रद्धालु इस प्रतिमा के आगे धूप-दीप जलाकर भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना में जुट गए हैं।

पुरातत्व विभाग से जांच की मांग
इस अनोखी मूर्ति के मिलने के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं। जहां श्रद्धालु इसे धार्मिक आस्था और भगवान की कृपा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि यह मूर्ति सैकड़ों साल पुरानी और एक बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहर हो सकती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुरातत्व विभाग (Archaeological Department) की टीम इसकी वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच करे, तो इसके वास्तविक कालखंड और प्राचीन इतिहास का बड़ा खुलासा हो सकता है। फिलहाल, मंदिर प्रशासन ने मूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है।