सरकारी दवाओं को कबाड़ पर गिरी गाज, नप गए चहनिया PHC प्रभारी और फार्मासिस्ट
चंदौली के चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों की सरकारी दवाएं कबाड़ में मिलने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। घोर लापरवाही बरतने पर केंद्र प्रभारी और फार्मासिस्ट का तबादला कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें।
कबाड़ में मिलीं बच्चों की सरकारी दवाएं
चहनिया स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी का तबादला
फार्मासिस्ट को भी भेजा गया दूसरी जगह
सांप निकलने का बहाना नहीं आया काम
डॉक्टर संदीप कुमार बने नए प्रभारी
चंदौली जिले के चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अस्पताल परिसर में कबाड़ के ढेर के बीच बच्चों को बांटी जाने वाली सरकारी दवाएं लावारिस हालत में फेंकी हुई मिली थीं। इस बड़ी लापरवाही की खबर जैसे ही मीडिया में प्रमुखता से आई, वैसे ही पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आम जनता ने भी बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ को लेकर नाराजगी जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत जांच के आदेश दिए थे।
प्रभारी डॉक्टर और फार्मासिस्ट पर गिरी गाज
मामले की जांच पूरी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाही के दोषी पाए जाने पर चहनिया पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रितेश सिंह का तबादला तुरंत धानापुर कर दिया गया है। उनके साथ ही वहां तैनात फार्मासिस्ट को भी चहनिया से हटा दिया गया है। उन्हें अब अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसनी में नई तैनाती दी गई है। विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
सांप निकलने का अजीब बहाना नहीं आया काम
आपको बता दें कि जब कबाड़ में दवाएं मिलने की बात फैली थी, तो पूर्व प्रभारी डॉ. रितेश सिंह ने एक अजीब सफाई दी थी। उन्होंने दावा किया था कि दवा स्टोर रूम के पास एक बड़ा सांप देखा गया था। कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दवाओं को कुछ समय के लिए बाहर कबाड़ के पास रख दिया गया था। हालांकि, अधिकारियों और आम जनता को डॉक्टर साहब का यह बहाना बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं लगा और कार्रवाई तय मानी जा रही थी।
डॉक्टर संदीप कुमार बने नए प्रभारी
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, अब चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की कमान डॉ. संदीप कुमार को सौंप दी गई है। डॉ. संदीप कुमार बहुत जल्द नए प्रभारी के रूप में अपना कार्यभार संभाल लेंगे। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और सरकारी दवाओं के रखरखाव में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।