दुबई में हुए सड़क हादसे में बलजीत निषाद की मौत,  4 दिन में ही छिन गया लखपति बनने का सपना 

चंदौली के धानापुर, नरौली गांव में शोक का माहौल गहरा गया है। दुबई में सड़क दुर्घटना में मारे गए 23 वर्षीय बलजीत निषाद का शव गुरुवार सुबह गांव पहुंचा। बलजीत घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मात्र 4 दिन पहले ही विदेश गए थे।
 

धानापुर के नरौली गांव में शोक का माहौल

 आर्थिक तंगी दूर करने गया था दुबई

 4 दिन में ही छीन गई 23 वर्षीय बेटे की जिंदगी

 नरौली गांव में दिखा शोक का माहौल

नौजवान बेटे का शव पहुंचने पर गांव में कोहराम

चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र के नरौली गांव में उस समय शोक का माहौल गहरा गया, जब दुबई में सड़क दुर्घटना में मारे गए बलजीत निषाद (23) का शव गुरुवार सुबह 9 बजे तक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही बलजीत के घर पर कोहराम मच गया। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया और पूरे गांव में मातम छा गया।

 आर्थिक तंगी दूर करने गया था परदेश
नरौली गांव निवासी बलजीत निषाद, रामबली निषाद के पुत्र थे। उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। घर की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने वृद्ध माता-पिता का सहारा बनने के उद्देश्य से बलजीत ने विदेश जाने का फैसला लिया था। वह इसी महीने की 11 नवंबर को रोजगार की तलाश में दुबई गए थे। परिजनों को बलजीत की कमाई से अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद थी।

 चार दिन में ही टूटा सपना: भीषण दुर्घटना का शिकार
हालांकि, बलजीत के परिवार का यह सपना मात्र चार दिनों में ही टूट गया। दुबई पहुंचने के मात्र चार दिन बाद, 14 नवंबर को बलजीत एक भीषण सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठे। इस दुखद हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। बलजीत की माँ का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं पिता रामबली निषाद को संभालना मुश्किल हो रहा था।

 ग्रामीण दे रहे ढांढस: शांत स्वभाव का था बलजीत
बलजीत की असामयिक मृत्यु पर पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है। गांव के लोगों की आँखें नम थीं। ग्रामीणों ने बलजीत को एक सीधा-सादा, मेहनती और शांत स्वभाव का युवक बताया, जिसने कभी किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं की थी। शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने और इस दुख की घड़ी में साथ खड़े होने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण बलजीत के घर पर एकत्रित हुए हैं।