किसान नेता श्रवण कुशवाहा के घर पहुंची पुलिस, आवास पर ही किया उपवास, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
चहनियां में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष श्रवण कुशवाहा को पुलिस ने पपौरा स्थित उनके आवास पर रोक दिया। इसके बाद उन्होंने घर पर ही सत्याग्रह उपवास कर बीडीओ के जरिए राष्ट्रपति को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भेजा।
किसान नेता श्रवण कुशवाहा आवास पर नजरबंद
पपौरा स्थित घर तैनात रही पुलिस
10 सूत्रीय मांगों का बीडीओ को ज्ञापन
न्यूनतम मजदूरी 729 रुपये करने की मांग
60 वर्ष से ऊपर 6000 पेंशन मांग
चंदौली जिले के चहनियां क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह और उपवास आंदोलन के तहत रणनीति बना रहे भाकपा (माले) के जिला स्थायी समिति सदस्य व किसान महासभा के जिलाध्यक्ष कॉमरेड श्रवण कुशवाहा को पुलिस ने उनके पपौरा स्थित आवास पर ही रोक दिया।
बलुआ पुलिस की टीम तड़के ही उनके घर के बाहर तैनात हो गई। पुलिस द्वारा बाहर न जाने दिए जाने के बाद किसान नेता ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपने आवास पर ही बैठकर दो दिवसीय सत्याग्रह उपवास शुरू कर दिया।
बढ़ती महंगाई और मनरेगा कानूनों में बदलाव पर जताया कड़ा विरोध
आवास पर उपवास पर बैठे कॉमरेड श्रवण कुशवाहा ने देश में तेजी से बढ़ रही आर्थिक असमानता, बेतहाशा महंगाई और ग्रामीण गरीबों की बदहाल स्थिति पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि भाकपा माले और किसान संगठन के आह्वान पर 13 और 14 अगस्त को यह राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कानूनों में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। इन बदलावों के कारण ग्रामीण मजदूरों और गरीबों का रोजगार छीन रहा है और उनके बुनियादी कानूनी अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है।
बीडीओ के जरिए राष्ट्रपति को भेजा 10 सूत्रीय मांग पत्र
आवास पर उपवास खत्म होने के बाद उन्होंने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जावेद अख्तर के माध्यम से भारत के महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस ज्ञापन में संगठन ने ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के हक में कई प्रमुख मांगें उठाई हैं। प्रमुख मांगों में सभी ग्रामीण परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर स्थायी रोजगार देने, मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 729 रुपये प्रतिदिन करने, और बेघर परिवारों को मकान निर्माण के लिए 7 लाख रुपये की सहायता देने की मांग शामिल है। इसके अलावा गरीबों के 2 लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने और 5 डिसमिल जमीन देने की बात भी कही गई है।
बिजली-पेंशन से लेकर स्वास्थ्य-शिक्षा सुधार की भी उठी आवाज
संगठन ने ज्ञापन के जरिए उत्तर प्रदेश में हर गरीब परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को 6,000 रुपये प्रति माह पेंशन देने की मांग रखी है। साथ ही, प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने या विलय पर तुरंत रोक लगाने, स्नातक (ग्रेजुएशन) तक मुफ्त शिक्षा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बंद पड़े पीएचसी व सीएचसी को शुरू कर विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात करने की मांग की गई है। अंत में समाज में जातीय, धार्मिक और लैंगिक भेदभाव पर रोक लगाकर सामाजिक न्याय स्थापित करने पर जोर दिया गया।