सकलडीहा में जुटा शोधार्थियों का महाकुंभ: ऑपरेशन सिंदूर विषय पर ICWA प्रायोजित सेमिनार का भव्य समापन

 

सकलडीहा पीजी कॉलेज में 'ऑपरेशन सिंदूर' विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य समापन हुआ। देश भर के विद्वानों और शोधार्थियों ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से भारत की सामरिक विजय और वैश्विक कूटनीति पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

 
 

सकलडीहा पीजी कॉलेज में भव्य समापन

ICWA द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी

ऑपरेशन सिंदूर पर विद्वानों का मंथन

सेमिनार की शोध पुस्तक का विमोचन

मेधावी छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत

चंदौली जनपद के प्रतिष्ठित सकलडीहा पी जी कॉलेज में भारतीय वैश्विक परिषद (ICWA) द्वारा प्रायोजित 'ऑपरेशन सिंदूर' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य समापन हुआ। इस आयोजन ने न केवल शैक्षणिक जगत में हलचल पैदा की, बल्कि भारत की सामरिक और कूटनीतिक सफलताओं को नई पीढ़ी के शोधार्थियों के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त मंच भी प्रदान किया।

तकनीकी सत्रों में शोध पत्रों का अंबार
संगोष्ठी के दूसरे दिन के प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर गिरीश चंद्र सिंह ने की। सत्र के मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. विजय कुमार वर्मा रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की डॉ. अपर्णा चौधरी और धर्म समाज कॉलेज अलीगढ़ के डॉ. पंकज वर्मा ने विषय पर अपने गंभीर विचार साझा किए। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शोधार्थियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिससे संगोष्ठी का स्वरूप बहुआयामी रहा।

वैश्विक पटल पर भारत की धमक
समापन सत्र के अध्यक्षीय संबोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडेय ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सैन्य और कूटनीतिक शक्ति को वैश्विक पटल पर स्थापित करने वाला मील का पत्थर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों में राष्ट्रवाद और सामरिक समझ विकसित होती है। संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर विजेंद्र सिंह ने दो दिनों तक चले विभिन्न कार्यक्रमों और विमर्शों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

पुस्तक विमोचन और मेधावियों का सम्मान
इस अवसर पर सेमिनार के दौरान संकलित शोध पत्रों की पुस्तक का विमोचन भी किया गया। प्राचार्य द्वारा उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय धानापुर के प्राचार्य प्रोफेसर ध्रुव भूषण सिंह सहित डॉ. मिथिलेश सिंह, डॉ. रवि गुप्ता, डॉ. अमितेश सिंह और अन्य वरिष्ठ प्राध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. पवन कुमार ओझा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर उदय शंकर झा द्वारा दिया गया।