इंटरनेशनल सिटी कॉलेज में बलुआ पुलिस की पाठशाला, छात्र-छात्राओं को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर

 

चंदौली के इंटरनेशनल सिटी कॉलेज में मिशन शक्ति 5.0 के तहत साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बलुआ पुलिस ने छात्रों को डिजिटल अरेस्ट, वित्तीय धोखाधड़ी और सोशल मीडिया सेफ्टी के प्रति सतर्क रहने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए।

 
 

इंटरनेशनल सिटी कॉलेज में साइबर कार्यशाला

डिजिटल अरेस्ट जैसे फर्जीवाड़े से बचाव

हेल्पलाइन नंबर 1930 की दी गई जानकारी

सोशल मीडिया प्राइवेसी पर विशेष टिप्स

मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत आयोजन

चंदौली जिले में  आधुनिक युग में बढ़ते डिजिटल अपराधों पर अंकुश लगाने और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से जनपद की पुलिस सक्रिय भूमिका निभा रही है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में 'मिशन शक्ति' फेज-5.0 के तहत गुरुवार को थाना बलुआ पुलिस द्वारा इंटरनेशनल सिटी कॉलेज में एक विशेष 'साइबर सुरक्षा जागरूकता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

डिजिटल खतरों और फर्जीवाड़े पर प्रहार
क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी और अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चन्द्रशेखर (IPS) के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय के सबसे बड़े खतरे 'डिजिटल अरेस्ट' के बारे में विस्तार से समझाया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन कॉल के जरिए किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। ऐसे कॉल आने पर डरे बिना तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।

वित्तीय सुरक्षा और गोल्डन आवर का महत्व
कार्यशाला के दौरान बैंक अधिकारी बनकर आने वाले फर्जी कॉल्स, ओटीपी (OTP) शेयरिंग और संदिग्ध लिंक के खतरों पर चर्चा की गई। पुलिस ने बताया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल 'गोल्डन आवर' (ठगी के तुरंत बाद का समय) के भीतर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। समय पर सूचना देने से ठगी गई राशि के वापस मिलने की संभावना प्रबल हो जाती है।

सोशल मीडिया सेफ्टी और प्राइवेसी टिप्स
छात्राओं को संबोधित करते हुए पुलिस टीम ने सोशल मीडिया पर प्राइवेसी सेटिंग्स को मजबूत रखने और अनजान लोगों से दोस्ती न करने की सलाह दी। उन्हें समझाया गया कि अपनी निजी तस्वीरें और जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। पुलिस ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इन डिजिटल खतरों के प्रति सचेत करें। इस कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।