चंदौली समाधान दिवस: जिलाधिकारी ने सकलडीहा में सुनीं 136 फरियादें, तहसील के औचक निरीक्षण के बाद दिया अल्टीमेटम

 

सकलडीहा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जनता की समस्याएं सुनीं। 136 शिकायतों में से 10 का मौके पर निस्तारण किया गया और लंबित फाइलों के रखरखाव को लेकर कड़े निर्देश दिए गए।

 
 

सकलडीहा तहसील में डीएम-एसपी की अध्यक्षता में समाधान दिवस

कुल 136 प्रार्थना पत्रों में से 10 का त्वरित निस्तारण

तीन वर्ष से पुराने लंबित प्रकरणों पर प्राथमिकता से कार्रवाई

पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमें स्थलीय निरीक्षण को रवाना

आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायतों की होगी सख्त ट्रैकिंग

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश सरकार की मंशानुरूप जन समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए शनिवार को जिले सभी तहसीलों में 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम सकलडीहा तहसील के सभागार में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल फरियादियों की समस्याओं को सुना, बल्कि संबंधित विभागों को जवाबदेही तय करने के कड़े निर्देश भी दिए।

136 शिकायतों में से 10 का मौके पर हुआ समाधान
सकलडीहा तहसील में आयोजित इस समाधान दिवस में कुल 136 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही 10 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण सुनिश्चित कराया। शेष शिकायतों के लिए उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को स्थलीय निरीक्षण हेतु रवाना किया। डीएम ने स्पष्ट किया कि अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद, विकास विभाग, सिंचाई, विद्युत और पुलिस विभाग से संबंधित थीं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि धरातल पर उसकी गुणवत्ता दिखनी चाहिए।

पुराने लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख
समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने तहसील परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अभिलेखागार और फाइलों के रखरखाव की स्थिति देखी। उन्होंने उप जिलाधिकारी (SDM) और तहसीलदार को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो भी प्रकरण 3 वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए अतिशीघ्र निस्तारित किया जाए। डीएम ने कहा कि फाइलों का रख-रखाव बेहतर और व्यवस्थित होना चाहिए ताकि जनता को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

लाभार्थी योजनाओं और आईजीआरएस ट्रैकिंग पर जोर
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन और निराश्रित पेंशन जैसी लाभार्थी परक योजनाओं के लंबित मामलों को तत्काल निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि "आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक शिकायत की ट्रैकिंग की जा रही है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।" पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने भी पुलिस से संबंधित मामलों में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

संयुक्त टीम करेगी स्थलीय जांच
भूमि विवाद के जटिल मामलों को सुलझाने के लिए जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम के गठन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैमाइश और अवैध कब्जों जैसे मामलों में दोनों विभागों के अधिकारी मौके पर जाकर विवाद को समाप्त करें, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

इन अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. वाई.के. राय, पीडी डीआरडीए बी.बी. सिंह, उप जिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी सहित तहसील स्तर के समस्त संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी तहसीलों में चले इस अभियान से जनपदवासियों में त्वरित न्याय की उम्मीद जगी है।