चंदौली के बलुआ घाट पर बन गयी है नई जल पुलिस चौकी, SP आकाश पटेल ने दौरा कर दिए टिप्स
चंदौली के बलुआ घाट पर बनी नई जल पुलिस चौकी का एसपी आकाश पटेल ने बारीकी से निरीक्षण किया। गंगा घाटों पर डूबने की घटनाओं को रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें।
बलुआ घाट पर नई जल पुलिस चौकी का निरीक्षण
गंगा घाटों पर हादसे रोकने के सख्त निर्देश
खतरनाक गहरे पानी में फ्लोटिंग बैरिकेडिंग के आदेश
चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे स्थानीय और सरकारी गोताखोर
लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं को किया जाएगा जागरूक
चंदौली जिले में अपराध पर लगाम लगाने, कानून व्यवस्था को मजबूत करने और खासकर गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में चंदौली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आकाश पटेल ने थाना बलुआ के अंतर्गत बलुआ घाट पर बनी नई जल पुलिस चौकी का अचानक निरीक्षण किया।
इस दौरान कप्तान साहब ने नई चौकी की बिल्डिंग, वहां मौजूद प्रशासनिक व्यवस्थाओं और पुलिसकर्मियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने आपदा के समय काम आने वाले जीवन रक्षक उपकरणों की भी बारीकी से जांच की।
घाटों पर हादसों को रोकने के लिए दिए सख्त निर्देश
अमूमन देखा जाता है कि त्योहारों या आम दिनों में गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से डूबने की घटनाएं हो जाती हैं। इन दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और जल पुलिस की टीम को बेहद कड़े और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एसपी आकाश पटेल ने साफ कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना पुलिस की पहली प्राथमिकता है।
नावों से होगी लगातार गश्त और गहराई वाले इलाकों की निगरानी
पुलिस कप्तान ने जल पुलिस की टीम को निर्देश दिया कि वे मोटर बोट और नावों के जरिए गंगा घाटों और गहरे पानी वाले इलाकों में चौबीसों घंटे नियमित रूप से गश्त (पेट्रोलिंग) करें। इससे नदी में किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकाल के समय तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा।
इसके साथ ही उन्होंने नदी के उन हिस्सों को चिन्हित करने को कहा जो बेहद खतरनाक और गहरे हैं। उन जगहों पर साफ-साफ दिखने वाले चेतावनी बोर्ड लगाने और पानी के भीतर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग या जाल लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी श्रद्धालु अनजाने में खतरे वाली सीमा को पार न करे।
अलर्ट मोड पर रहेंगे गोताखोर, लाउडस्पीकर से दी जाएगी चेतावनी
घाटों पर सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए स्थानीय और सरकारी प्रशिक्षित गोताखोरों को हर समय अलर्ट मोड पर रखने की बात कही गई है। लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय रिंग और दूसरे रेस्क्यू सामानों को हमेशा चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिले।
इसके अलावा, घाटों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट करने को कहा गया है। इसके जरिए श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए लगातार जागरूक किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (सदर), बलुआ थाना प्रभारी समेत कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।